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फरीदाबाद में राशन डिपो पर गुप्त नजर, कालाबाजारी की सूचना देने के लिए तैयार किए गए स्थानीय लोग

Published: Sun, 16 Aug 2026 05:29 AM (IST)Updated: Sun, 16 Aug 2026 07:11 AM (IST)

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फरीदाबाद में सरकारी राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए गुप्तचर तंत्र सक्रिय किया है। एक ...और पढ़ें

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फरीदाबाद में सरकारी राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए गुप्तचर तंत्र सक्रिय किया है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फरीदाबाद में सरकारी राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए गुप्तचर तंत्र सक्रिय किया है।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सरकारी राशन की दुकानाें पर कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था में गुप्तचर तंत्र को सक्रिया किया है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) ने जिले के राशन डिपो होल्डरों की गतिविधियों की सूचना गुप्तचरों से ले रही हैं।

करीब दो महीने तक विभागीय अधिकारी व उनकी टीम ने सभी इलाकों में दौरा करके क्षेत्रवार लोगों को इस बात के लिए तैयार किया था कि वे अपने अपने क्षेत्र के डिपो होल्डरों की प्रत्येक हरकत पर नजर रखें और उसकी सूचना विभाग व पुलिस दोनों को दें।

विभागीय सूत्र के मुताबिक बीती सात अगस्त को दयालबाग कालोनी स्थित एक सरकारी राशन डिपो होल्डर द्वारा की जा रही कालाबाजारी की सूचना विभाग को गुप्तचर तंत्र के माध्यम से मिली थी।

सूचना के आधार पर की गई जांच और छापेमारी के दौरान डिपो के रिकॉर्ड में दर्ज स्टाक और मौके पर उपलब्ध राशन में काफी अंतर सामने आया था। तब संबंधित क्षेत्र के खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक की शिकायत पर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। दर्ज एफआइआर के बाद से विभाग व डिपो होल्डरों में भी तनातनी का माहौल बना हुआ है।

हालांकि सात अगस्त काे की गई कार्रवाई के बाद जिले के अन्य डिपो होल्डरों में बेचैनी है। इस मुद्दे को लेकर डिपो होल्डर दो धड़ों में नजर आ रहे हैं। एक पक्ष विभाग की सख्ती को जरूरी बताते हुए कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जबकि कुछ डिपो होल्डर इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार दे रहे हैं।

उनका आरोप है कि विभाग सभी डिपो पर समान रूप से कार्रवाई नहीं करता और कुछ कथित चहेते डिपो संचालकों को राहत दी जाती है।