CM नायब सिंह सैनी को काले झंडे दिखाने जा रहे किसानों को रोका, फरीदाबाद में कई महीने से धरना जारी
ग्रेटर फरीदाबाद के बड़ौली-प्रहलादपुर गांव के किसान जमीन अधिग्रहण के खिलाफ उचित मुआवजे या लैंड पूलिंग की मांग को लेकर कई महीनों से धरना दे रहे हैं।
-1792750743816_m.webp)
सीएम को काले झंडे दिखाने जा रहे किसानों को रोका। जागरण
HighLights
किसान जमीन अधिग्रहण के खिलाफ कई महीनों से धरना दे रहे।
सीएम को काला झंडा दिखाने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका।
किसान उचित मुआवजे या लैंड पूलिंग योजना की मांग कर रहे।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में बड़ौली-प्रहलादपुर गांव के लोग कई महीने से जमीन अधिग्रहण से मुक्त कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
शुक्रवार को प्रदेश के सीएम सूरजकुंड में दीवाली मेले के शुभारंभ अवसर पर आए हुए थे। धरने के संयोजक वीरपाल गुर्जर अन्य किसानों के साथ सीएम को काला झंडा दिखाने के लिए चल दिए, लेकिन पुलिसबल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान खूब धक्का-मुक्की हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने बताया कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
किसान पीछे नहीं हटेंगे
उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा और किसान पीछे नहीं हटेंगे।
वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना कई महीने से जारी है। करीब 16 वर्ष पहले किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था और इसके लिए 645 रुपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया।
इस मुआवजे से संतुष्ट नहीं
किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए वे इस मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान की पेशकश करते हुए अधिग्रहित जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर 2025 को और मंत्री राजेश नागर और विपुल गोयल के समक्ष भी किसानों की समस्या रखी गई है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ।
