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फरीदाबाद में एक्सप्रेसवे बनने के चलते काटे 20 हजार पेड़, रोप दिए एक लाख पौधे; 11 सेक्टर के लोगों को मिलेगी राहत

Published: Sun, 26 Apr 2026 02:38 PM (IST)

फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान काटे गए 20 हजार पेड़ों के बदले एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

बायपास रोड पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से हरियाली बढ़ाने के लिए लगाए गए पौधे। जागरण

बायपास रोड पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से हरियाली बढ़ाने के लिए लगाए गए पौधे। जागरण

HighLights

  1. 20 हजार पेड़ों के बदले एक लाख से अधिक पौधे लगे।

  2. 18 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

  3. 11 सेक्टरों को प्रदूषण से मिलेगी बड़ी राहत।

प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। अक्सर ऐसा होता है किसी भी विकास कार्य के बीच में आने वाले पेड़ों की कटाई की भरपाई नहीं की जाती। यानी जो पेड़ काटे जाते हैं, वह फिर लगाए नहीं जाते या फिर लगाए भी जाते हैं तो कहीं और, लेकिन फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण के चलते ऐसा नहीं हुआ है।

जिले की सीमा में 26 किलोमीटर बाईपास पर एक्सप्रेसवे बना है। इसकी एवज में यहां 20 हजार पेड़ों की कटाई की गई थी। इसकी एवज में एक लाख से अधिक पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। अभी एक्सप्रेसवे पर आगरा नहर किनारे 18 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाना बाकी है, जहां करीब चार लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे।

दूसरी ओर भी करीब पांच लाख पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया गया है। इस तरह से एक्सप्रेसवे किनारे पूरी आक्सीजन की फैक्ट्री विकसित हो जाएगी। जिसका फायदा न केवल वाहन चालकों को बल्कि आस-पास रहने वाले 11 सेक्टरों के लोगों को होगा।

यहां रोपे हैं पौधे

एक्सप्रेसवे किनारे सेक्टर-59 में 74 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं जो अब बड़े हो गए हैं। सेक्टर-नौ के सामने भी सघन बन विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। एनएचपीसी चौक पर 11 हजार पौधों को मियावाकी पद्धति से लगाया जा चुका है। सेक्टर-37 से लेकर सेक्टर-59 तक 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पौधारोपण करेगा और तीन साल तक इनकी देख-रेख भी करेगा। दरअसल एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान जिले की सीमा में हजारों पेड़ों को काटा गया था। इससे पूरी ग्रीनबेल्ट उजड़ गई थी। इसकी भरपाई के लिए ही बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है।

11 सेक्टर में रहने वालों को मिलेगी बड़ी राहत

इस पौधारोपण का सबसे बड़ा लाभ एक्सप्रेसवे किनारे बसे हुए 11 सेक्टरों को होगा। यहां हजारों परिवार रहते हैं। एक्सप्रेस-वे पर दौड़ने वाले वाहनों के धूल-धुएं को कॉरिडोर के पेड़-पौधे सेक्टर में जाने से रोकेंगे।

प्रदूषित नगरी को देगा राहत

हर साल सर्दी में वायु प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है। पीएम 2.5 का स्तर 450 तक पहुंच जाता है। इसलिए यहां अधिक पौधारोपण होना जरूरी है। ग्रीन कॉरिडोर में लगने वाले हजारों पौधे लोगों को सुकून देंगे।

यह पौधे लगाए जाएंगे

सड़क की ओर फूल वाले पौधे लगाए जा रहे हैं जैसे अमलतास, गुलमोहर, कछनार। दूसरी लेन में पिलखन, अर्जुन, बालमखेरा, कदम, शीशम, नीम, पीपल, बड़, टिकोमा, जामून और झाड़ियां लगाई जाएंगी। इनकी पूरी देख-रेख की जाएगी।

एक्सप्रेसवे किनारे जहां-जहां जगह खाली मिलेगी, वहां पौधारोपण किया जा रहा है। उम्मीद है कि 10 लाख पौधे लगा दिए जाएंगे। इनकी देख-रेख की जाएगी।


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-संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी