फरीदाबाद में 440 लोगों की 60 वर्ष से कम उम्र बता रोक दी पेंशन, बुजुर्ग परेशान
फरीदाबाद में परिवार पहचान पत्र की गलतियों के कारण 440 बुजुर्गों की पेंशन रोक दी गई है। समाज कल्याण विभाग ...और पढ़ें
-1770079437338_m.webp)
440 बुजुर्गों की उम्र 60 वर्ष से कम दिखाकर सितंबर 2025 से हर महीने मिलने वाला सम्मान भत्ता रोक दिया।
HighLights
440 बुजुर्गों की पेंशन परिवार पहचान पत्र की गलती से रुकी।
कई बुजुर्गों की उम्र 2-5 वर्ष दिखाई गई, जबकि वे वृद्ध हैं।
जांच के बाद पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया गया है।
निभा रजक, फरीदाबाद। समाज कल्याण विभाग, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) के अधिकारियों की लापरवाही और परिवार पहचान पत्र में हुई गलतियों का खामियाजा बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही में 440 बुजुर्गों की उम्र 60 वर्ष से कम दिखाकर सितंबर 2025 से हर महीने मिलने वाला सम्मान भत्ता रोक दिया है।
इनमें कुछ ऐसे मामले में भी है जिनमें बुजुर्गों की उम्र दो और पांच वर्ष दिखाई गई है। अब जब तक जांच पूरी नहीं होती, बुजुर्गों के खाते में पेंशन नहीं पहुंचेगी। अचानक पेंशन रुक जाने से बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई है। समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
जिला में बुजुर्ग, विधवा, कैंसर पीड़ित, निराश्रित और लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता सहित अन्य योजना के तहत करीब 188698 लाभार्थियों को पेंशन दी जाती है। पेंशन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती हैै। फर्जी पेंशन लेने की मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सामाजिक न्याय आधिकारिता निदेशालय द्वारा पेंशन धारकों की आय तथा जन्मतिथि का परिवार पहचान पत्र से मिलान किया जा रहा है। जिन लोगों की जन्मतिथि पेंशन के कागजों, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र में भिन्न पाई गई है, उनकी पेंशन रोकी गई है।
दो और पांच साल उम्र दिखाई
निदेशालय द्वारा भेजी गई लिस्ट में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनमें पेंशनधारकों की उम्र दो, तीन और पांच वर्ष दिखाई गई है। ओल्ड फरीदाबाद निवासी भूपेंद्र की उम्र दो साल दिखाई गई है। जबकि वार्ड 11 निवासी लक्ष्मण दास की उम्र पांच वर्ष, आलमपुर निवासी बताशो की उम्र 30 और वार्ड एक निवासी ऊषमानी की उम्र 31 वर्ष दिखाकर पेंशन रोक दी गई है। पेंशन रूक जाने के कारण बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे बुजुर्ग रोजाना विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
एक साल पहले रीढ़ की हड्डी खींच गई थी, बिना सहारे के चलने फिरने में असमर्थ हूं। दो साल पहले पति की मृत्यु हो गई थी, पेंशन के सहारे ही दवाई का खर्चा चल रहा था। दो महीने से पेंशन रूक गई है। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। - जायदा खातुन, बाबा नगर
66 वर्ष उम्र हो गई है। लेकिन पेंशन नहीं बन पा रही है। अधिकारी आटोमेटिक पेंशन बनने का दावा कर करते हैं, यहां तो दस्तावेज जमा कराने के बाद भी पेंशन नहीं बन रही है। -रमन सिंह, लक्कड़पुर
उच्च अधिकारियों द्वारा लिस्ट भेजकर लोगों की पेंशन रोकी गई है। सभी को फोन करके दस्तावेज लेकर आने के लिए कहा जा रहा है। पेंशन धारकों की सुविधा के लिए क्रिड डिपार्टमेंट के कर्मचारी की समाज कल्याण विभाग में ही ड्यूटी लगवाई गई है, जिससे कागजों में छोटी-छोटी त्रुटियों के लिए लोगों को विभाग के चक्कर न काटना पड़े। दस्तावेज से गलतियां दूर होने के बाद पेंशन दोबारा बहाल कर दी जाएगी। - ममता शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
