फरीदाबाद में दोगुना किराया देकर रहते थे विदेशी, फ्लैट से मिली 15 करोड़ की ड्रग्स; अब मकान मालिक फरार
फरीदाबाद के शिव दुर्गा विहार में एक इमारत से 15 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हुई, जहां विदेशी नागरिक दोगुना ...और पढ़ें

15 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़े गए तीनों नाइजीरियन। सौ. पीआरओ
HighLights
फरीदाबाद में 15 करोड़ की ड्रग्स बरामद, तीन विदेशी नागरिक गिरफ्तार।
विदेशी सामान्य से दोगुना किराया देकर ड्रग्स का धंधा चला रहे थे।
ड्रग्स बरामदगी के बाद मकान मालिक सरजीत फरार, पुलिस तलाश में।
हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। दिल्ली बाॅर्डर से सटे शिव दुर्गा विहार-लकड़पुर में जिस चार मंजिला इमारत से करीब 15 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हुई, वहां विदेशी नागरिक सामान्य किराए से करीब दोगुना किराया देकर रह रहे थे। चार मंजिला इमारत में कुल 10 फ्लैट हैं और पुलिस के अनुसार इनमें सभी अफ्रीकी मूल के नागरिक किराए पर रह रहे थे। ड्रग्स बरामद होने के बाद इस इमारत का मकान मालिक सरजीत फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलते थे ड्रग्स
15-16 सितंबर की रात फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने फ्लैट में छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान अलमारी और सूटकेस में छिपाकर रखी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, यहां से 2.337 किलो कोकेन, 26 ग्राम एम्फेटामाइन, 1.378 किलो संदिग्ध व्हाइट पाउडर और 50 हजार रुपये नकद मिले। कमरे से छोटे-छोटे पैकेट और इलेक्ट्राॅनिक तराजू भी बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि इन ड्रग्स की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है।
सामान्य से दोगुना था किराया
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में सामान्य तौर पर एक फ्लैट का किराया करीब 15 से 20 हजार रुपये है, जबकि इस इमारत में करीब 40 हजार रुपये तक किराया लिया जा रहा था। इसके बावजूद इमारत के सभी फ्लैटों में अफ्रीकी मूल के नागरिक रह रहे थे।
ड्रग्स के मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बाकी फ्लैटों में रहने वाले विदेशी नागरिकों के दस्तावेज भी खंगाले। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान करीब 10 अन्य अफ्रीकी नागरिक भी यहां मिले हैं।
इनके दस्तावेज फारेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन आफिस (एफआरआरओ) भेजे गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद ही इनके भारत में रहने की वैधता को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल से इलाके में रह रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार तीन आरोपितों में नाइजीरिया के इफियानी इमैनुएल, बेल जान उर्फ एनुडुन इमैनुएल और कैमरून के अमोस ओवी शामिल हैं। तीनों वर्ष 2018 में भारत आए थे और करीब तीन साल पहले फरीदाबाद पहुंचे थे।
पुलिस को आशंका है कि इसी इलाके से ड्रग्स को छोटे पैकेटों में तैयार कर एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जा रहा था। अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इमारत में इतने अधिक विदेशी नागरिक किस प्रक्रिया के तहत किराए पर रह रहे थे और उनका सत्यापन किस स्तर पर हुआ था।
पुलिस फरार मकान मालिक सरजीत की तलाश कर रही है। उससे पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फ्लैट किस आधार पर किराए पर दिए गए थे और उसे वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।
