हादसे का इंतजार क्यों किया जाता है? बच्ची की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; खुले मैनहोल दे रहे लापरवाही की गवाही
फरीदाबाद के सीही गांव में खुले बोरवेल में गिरने से 3 साल की बच्ची की मौत हो गई, जिससे नगर निगम की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
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सीवर के मैनहोल को क्यों नहीं ढका जाता है। जागरण
HighLights
सीही गांव में खुले बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची।
10 घंटे के बचाव प्रयास के बाद बच्ची की हुई मौत।
नगर निगम की लापरवाही पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार को बोरवेल में गिरने से 3 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को 10 घंटे के प्रयास के बाद बाहर निकाला जा सका। लेकिन वह जिंदगी की जंग हार चुकी थी।
इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। सबकुछ जानते हुए निगम की ओर से खुले बोरवेल और सीवर के मैनहोल को क्यों नहीं ढका जाता है, हादसे का इंतजार क्यों किया जाता है?
ग्रामीणों ने उठाया सवाल
घटना को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है। उनका कहना है कि निगम के एसडीओ और जेई गांव में झांकने तक नहीं आते है। ऐसे में कर्मचारी भी काम नहीं करते हैं। अगर समय पर ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लिया जाता तो शायद बच्ची की जान भी बच जाती।
वार्ड-39 के पार्षद प्रतिनिधि गोल्डी बरेजा ने बताया कि कई बार लिखित में निगम को खुले नाले और मैनहोल के बारे में शिकायत दी गई है। लेकिन किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव में कई जगह मैनहोल खुले हुए है। इसके बारे में कई बार निगम अधिकारियों को शिकायत दी गई है। जिस जगह पर हादसा हुआ है। उससे एक गली आगे भी मैनहोल खुला पड़ा है। जिसमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है। - रूपेश मलिक
इससे पहले गांव में खुले मैनहोल में गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन अभी तक किसी भी की जान नहीं गई थी। गांव में कई मैनहोल और खुले हुए है। इन नालों की सफाई नहीं हुई है। निगम अधिकारी किसी शिकायत पर संज्ञान लेने को ही तैयार नहीं है। - महेश भारद्वाज
नगर निगम की लापरवाही के कारण एतिहासिक गांव सीही के हालात खराब हो गए है। सीवर और नालों को ढ़कने के लिए कई बार लिखित में पत्र दिए गए है। लेकिन निगम अधिकारी पत्रों पर संज्ञान नहीं लेते हैं। पहले भी बाइक सवार सीवर के खुले मैनहोल में गिर चुके हैं। - गोल्डी बरेजा, पूर्व पार्षद
जिन जिन मैनहोल के खुलने की शिकायत आती है। उनको 24 घंटे के भीतर बंद कराया जाता है। लेकिन कई शरारती मैनहोल के ढक्कन उठाकर ले जाते हैं। बोरवेल को भी निगम की ओर प्रयोग नहीं होने के चलते बंद कर दिया गया था। अब किसने उसको खोला। इसकी जांच की जा रही है। - संजीव गुप्ता, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, ओल्ड फरीदाबाद
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