जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग लगातार सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर को सक्रिय करने की दिशा में कार्य किया है। जिले में 25 डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर हैं। इनमें से पांच बिल्कुल चालू हालत में हैं। वहीं जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल के द्वितीय तल पर बने वार्ड को आइसोलेशन में तब्दील किया गया है। यहां पर केवल कोरोना संक्रमितों को भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा इमरजेंसी आपरेशन को छोड़कर अन्य सभी आपरेशन फिलहाल रद कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जिले में तीन दिनों में 900 से अधिक कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो रही है। इस समय जिले में सक्रिय संक्रमितों की संख्या चार हजार से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने उन संक्रमितों को डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में भर्ती करने का फैसला किया है, जिनके पास आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा जिन्हें अन्य बीमारियां हैं और उन्हें थोड़ी शारीरिक परेशानी हो रही है। ऐसे मरीज पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक नजर रखेंगे। यदि हालत बिगड़ती है, तो संक्रमितों को तुरंत डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। सेंटर में हैं 4,938 बेड

मुख्य चिकित्सा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने 25 डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में 4938 बेड की व्यवस्था की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली, खेड़ीकलां, कौराली व तिगांव और सामुदायिक भवन सेक्टर तीन चालू हालत में हैं। सामुदायिक भवन सेक्टर तीन में 21 संक्रमित भर्ती भी हैं। वहीं मानव रचना यूनिवर्सिटी हास्टल, अलपाइन वैली स्कूल, डीएवी स्कूल बल्लभगढ़, विद्या संस्कार स्कूल जसाना, बालाजी पब्लिक स्कूल मलेरना रोड, लिग्याज यूनिवर्सिटी नचौली, आर्य विद्या मंदिर बल्लभगढ़, सतयुग दर्शन, राजकीय विद्यालय चंदावली, अलफला मेडिकल कालेज, डीपीएस सेक्टर-19, ग्लोबल हैरिटेज स्कूल, अरावली पब्लिक स्कूल अनंगपुर, पाइवुड स्कूल, अग्रवाल पब्लिक स्कूल, रावल पब्लिक स्कूल बल्लभगढ़, बीएस अनंगपुरिया, जेसी बोस यूनविर्सटी और टैगोर अकादमी में भी डेडिककेट कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इनमें भी मरीजों को भर्ती किया जाएगा। संक्रमित के संपर्क में आने वाले 30 लोगों की करनी होगी पहचान

कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में लाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रणदीप सिंह पूनिया ने स्वास्थ्य विभाग के उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने टेस्टिग एवं ट्रेसिग पर जोर दिया। इसके तहत संक्रमित के संपर्क में आने वाले 30 लोगों की पहचान कर उनकी सैंपलिग की जाएगी। रिपोर्ट आने पर संक्रमित की स्थिति के आधार पर आइसोलेट या अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की पैनी नजर होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर संक्रमित के घर जाकर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी भी जुटाएगी। बेड की कमी होने पर इनसे करें संपर्क

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रणदीप सिंह पूनिया ने स्पष्ट किया है कि जिले में रेमडेसिविर की कोई कमी नहीं है। यदि किसी को आवश्यकता है, तो वरिष्ठ औषध नियंत्रक करन सिंह गोदारा 9990900000 से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा रेमडेसिविर की कालाबाजारी संबंधी शिकायत भी कर सकते हैं। वहीं कोरोना संक्रमित बेड या आइसोलेशन के लिए उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. गजराज 9891649978 पर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों एवं चिकित्सकों से अपील है कि कोविड प्रोटोकाल के हिसाब से ही ड्यूटी करें। यदि इस समय कोई भी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित होता है। इससे परेशानी बढ़ सकती है।

- डा. रणदीप सिंह पूनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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