दीपक पांडेय, फरीदाबाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद भारत में अक्टूबर से शुरू होने वाले फीफा विश्व कप अंडर-17 के प्रचार-प्रसार को लेकर भले ही मनोहर सरकार जोर-शोर से जुटी हो, लेकिन प्रदेश का हाल देखें तो सरकार खुद ही इस खेल के लिए गंभीर नहीं है।

पूरे हरियाणा में 22 जिलों में से सिर्फ 14 जिलों में ही फुटबॉल के कोच हैं। बाकी जिलों में फुटबॉल निजी संस्थाओं के भरोसे हैं।

प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को आदेश जारी किया है कि अधिक से अधिक युवाओं को फुटबॉल से जोड़ा जाए। स्कूलों में खेल प्रतियोगिताएं करवाई जाएं। लोगों को फुटबॉल के बारे में बताया जाए, ताकि फुटबॉल से लोगों का जुड़ाव हो सके। लोग अधिक से अधिक संख्या में अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल मैचों को देखने के लिए जाएं।

फुटबॉल के अनुरूप नहीं तैयार है मैदान: खेल निदेशालय के एक अधिकारी बताते हैं कि फुटबॉल कोच की कमी के साथ-साथ फुटबॉल के लिए मैदान भी नहीं हैं। प्रदेश के खिलाड़ी ऊबड़-खाबड़ मैदानों में फुटबॉल खेलते हैं। पिछले वर्ष फरीदाबाद में ही ऊबड़-खाबड़ मैदान में फुटबॉल खेलने के दौरान एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की टांग टूट गई थी। इसके बाद भी खेल निदेशालय के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। अभी भी खिलाड़ी उसी मैदान पर अभ्यास करने को मजबूर हैं।

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खेल निदेशालय ने प्रदेश सरकार को पूरी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें बताया गया है कि किन जिलों में फुटबॉल कोचों की कमी है। जल्द ही नए फुटबॉल कोच नियुक्त किए जाएंगे।

- अनिता तेवतिया, खेल निदेशक, प्रदेश खेल निदेशालय।

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