जागरण संवाददाता, फरीदाबाद: ग्रेटर फरीदाबाद (ग्रेफ) के विकास को लेकर प्रशासन और सरकार की लापरवाही का खामियाजा यहां रह रहे हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जो काम 2014 तक पूरे होने थे, वह दो साल बाद भी पूरे होते नजर नहीं आ रहे। बेहतर जीवन स्तर की आशा में मोटा पैसा देकर यहां फ्लैट खरीदने वाले निवेशक ठगा महसूस कर रहे हैं। इस क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार का सबसे बड़ा कारण सही समय पर हुडा का अधिगृहीत जमीन पर कब्जा न कर पाना है। अधूरे विकास का ही नतीजा है कि बड़ी सोसायटियों में बड़ी संख्या में फ्लैट खाली पड़े हैं, लोग अभी यहां आकर रहने से हिचक रहे हैं। पेश है ग्रेटर फरीदाबाद में विभिन्न विकास कार्यों की रिपोर्ट:

मास्टर रोड :

ग्रेटर फरीदाबाद की सोसायटियों को जोड़ने व इस क्षेत्र को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए 244 करोड़ रुपये की लागत से 44.92 किलोमीटर लंबे मास्टर रोड का निर्माण किया जा रहा है। सोसायटियों में रह रहे लोगों की सबसे बड़ी मांग समय पर मास्टर रोड का निर्माण कराने की है। हुडा फिलहाल 38.98 किलोमीटर हिस्से में रोड बनाने का काम कर रहा है। बाकी बाकी जमीन पर हुडा का कब्जा नहीं हो पाया है। इस काम के लिए हूडा ने मार्च की डेडलाइन तय की थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। यह काम पूरा होने के बाद जमीन पर कब्जा मिलने के बाद ही बाकी काम शुरू हो पाएगा।

सीवरेज व्यवस्था :

लोगों की दूसरी बड़ी मांग सीवरेज व्यवस्था की है। सीवरेज का काम अधूरा होने के कारण बिल्डरों को सोसायटियों के पास सीवर का पानी डालना पड़ रहा है। इससे लोग खासे परेशान हैं। यहां 44 करोड़ रुपये की लागत से 45.02 किलोमीटर हिस्से में सीवर लाइन डालनी है। अभी 38.49 किलोमीटर क्षेत्र में काम चल रहा है। इस सीवर लाइन में 813 सीवर मैनहोल बनाए जा रहे हैं। इसमें से 234 मैनहोल बनाने का काम बचा है। जब तक सारा काम पूरा नहीं हो जाता, लोगों को परेशानी होगी।

स्ट्रीट लाइट व बरसाती पानी निकासी :

ग्रेटर फरीदाबाद में स्ट्रीट लाइटें व बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था भी अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है। फिलहाल 39.63 किलोमीटर हिस्से में स्ट्रीट लाइटें लगा रहा है, इसमें से 34.13 किलोमीटर हिस्से में लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा लगभग 33 किलोमीटर लंबी बरसाती पानी निकासी के लिए नाला बनाने का काम शुरू किया हुआ है, जिसमें से लगभग 25 किलोमीटर हिस्से में काम हुआ है। इनके अभाव में रात के समय ग्रेफ की सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं और बरसात के दौरान पानी निकासी न होने से जगह जगह जलभराव हो जाता है।

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ग्रेफ में हम तेज गति से कार्य कर रहे हैं। कुछ जगह जमीन पर कब्जा लेने में समस्या आ रही है। उसे भी जल्द दूर कर लिया जाएगा। ग्रेफ के लोगों को प्रशासन की ओर से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

-पीसी मीणा, हुडा प्रशासक।