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जागरण संवाद केंद्र, फरीदाबाद : ग्रेटर फरीदाबाद में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने के लिए निवेशकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर निवेशकों से रजिस्ट्री के दौरान स्टांप ड्यूटी अलग-अलग ली जा रही है। इससे निवेशकों में रोष है। निवेशकों का कहना है कि बिल्डरों से तहसील के लोग मिले हुए हैं, जिस कारण स्टांप ड्यूटी अलग-अलग ली जाती है। निवेशक जल्द ही एसडीएम धर्मेद्र सिंह के समक्ष इस मुद्दे को रखेंगे।

ग्रेटर फरीदाबाद में 15 नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं और कॉलोनाइजर भी फ्लैट तैयार कर रहे हैं। इस कारण एनसीआर के कई लोग यहां फ्लैट खरीद रहे हैं, लेकिन बिल्डरों की मनमानी के चलते निवेशकों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।

निवेशक जब फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील में जाते हैं तो तीन से सात फीसद तक स्टांप ड्यूटी ली जाती है। जब एरिया एक है तो स्टांप ड्यूटी अलग-अलग क्यों ली जा रही है। बिल्डरों के कारिंदे तहसील कर्मचारियों से मिलकर अलग-अलग स्टांप ड्यूटी ले रहे हैं।

नरेंद्र छाबड़ा, प्रधान, फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन, ग्रेटर फरीदाबाद

सेक्टर-75 से 89 तक इस एक ही एरिया के अंदर कई बिल्डर ईडीसी और आइडीसी का शुल्क ले रहे हैं, जबकि कई बिल्डर इस शुल्क को कार पार्किंग व अग्निशमन शुल्क के नाम पर ले रहे हैं। ऐसा करके निवेशकों को गुमराह किया जा रहा है।

अभिषेक कोल, उपप्रधान

प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार शपथ-पत्र जमा कराए बगैर फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं होनी चाहिए, लेकिन कई रजिस्ट्री ऐसी सामने आई हैं, जिनमें शपथ पत्र दिए बगैर रजिस्ट्री की गई।

उमेश प्रभाकर, महासचिव

इन सभी समस्याओं के बारे में मंगलवार सुबह एसडीएम धर्मेद्र सिंह के कार्यालय गए थे, लेकिन वे किसी जरूरी काम से चंडीगढ़ गए थे। जल्द ही इस बारे में जिला उपायुक्त या फिर एसडीएम से मिलकर उन्हें इससे अवगत कराया जाएगा।

- नवीन अरीचवाल

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