जागरण टीम, भिवानी : अल सुबह जिलेभर में आंधी के साथ बरसात हुई। बरसात से एक ओर न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट हुई। वहीं दोपहर में धूप से अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ गिर गए। जिससे कई स्थानों पर रास्ते भी बाधित रहे। सबसे अधिक बरसात सिवानी खंड में 14 एमएम दर्ज की गई। वहीं खंड भिवानी में 8 एमएम बरसात हुई। ये हुई बरसात

बाक्स :

खंड बरसात की मात्रा

सिवानी 14 एमएम

बवानीखेड़ा 10 एमएम

भिवानी 8 एमएम

तोशाम 2 एमएम

लोहारू -------- ये रहा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर में हवा की गति 39 किलोमीटर प्रति घंटा तक मापी गई।

तेज अंधड़ और बारिश से गिरे पेड़ों ने राहगीरों की रफ्तार पर लगाया ब्रेक

बवानीखेड़ा क्षेत्र में बुधवार अल सुबह तेज अंधड़ के साथ आई बारिश से भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर कई जगह भारी-भरकम पेड़ गिर गए। इससे भिवानी-हांसी मार्ग करीब 6 घंटे तक बाधित रहा। मार्ग के बाधित होने के चलते सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीन जेसीबी मशीनों के सहारे करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ सड़क से हटाए, तब जाकर प्रात: करीब साढ़े 9 बजे भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग बहाल हुआ। इतना ही नहीं, तेज अंधड़ व बारिश ने अन्य क्षेत्रों में भी माइनरों के किनारे खड़े दर्जनों पेड़ भी गिर गए। इसके साथ-साथ तोशाम-बवानीखेड़ा मार्ग पर भी एक दर्जन पेड़ गिर गए। इससे यह मार्ग भी बाधित रहा। तेज अंधड़ के चलते वन विभाग को लाखों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम अंधड़ से गिरे पेड़ों की पहचान करने में जुटी हुई थी और रास्ता साफ किया जा रहा था। नुकसान का सही आंकलन तो पेड़ों की गिनती के बाद ही पता लग पाएगा। बुधवार सुबह करीब सवा तीन बजे शुरू हुआ बारिश और अंधड़ का सिलसिला

जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब सवा 3 बजे क्षेत्र में तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। इस बारिश से गांव जाटू लोहारी व प्रेम नगर के बीच भिवानी-हांसी मार्ग पर करीब 3 दर्जन भारी-भरकम पेड़ गिर गए। पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। मार्ग बाधित होने के चलते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की करीब 3 किलोमीटर दूरी तक कतारें लग गई और वाहन चालकों को जाम में 6 घंटे तक फंसे रहने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इसी प्रकार बवानीखेड़ा-तोशाम मार्ग पर भी एक दर्जन पेड़ गिर गए। इससे यह मार्ग भी बाधित रहा। इसके अलावा बलियाली माइनर में भी करीब एक दर्जन पेड़ गिर गए। वन विभाग की टीम सारा दिन ही इन पेड़ों को उठाने में लगी रही। निजी स्कूल की बस भी फंसी रही घंटों तक जाम में

तेज अंधड़ के चलते भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर गांव जाटू लोहारी व प्रेम नगर के बीच भारी-भरकम पेड़ गिरने से करीब 6 घंटे तक यह मार्ग जाम रहा। जाम में एक निजी स्कूल की बस भी फंसी रही। बस में स्कूली बच्चे सवार थे। बस चालक कमल ¨सह ने बताया कि वह भिवानी से स्कूली बच्चों को बस में बैठाकर अग्रोहा मोड़ स्थित एक निजी स्कूल में ले जा रहा था। वह सुबह करीब 6 बजकर 40 मिनट पर यहां पर पहुंचा तो उसे रास्ता बंद मिला और उनकी बस जाम में फंस गई। इसके चलते वे स्कूल में टाइम पर पहुंच नहीं पाए, साथ-साथ बच्चों को भी करीब 3 घंटे बस में बैठकर ही रास्ते खुलने का इंतजार करना पड़ा। ट्रक चालकों ने कहा : घंटों तक झेलनी पड़ी परेशानी

कैंटर चालक कुल¨वद्र ¨सह ने बताया कि वह हिसार से भिवानी के लिए जा रहा था। बुधवार प्रात: करीब साढ़े 3 बजे उसकी कैंटर जाम में फंस गई। इसके चलते उन्हे काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। इसी प्रकार ट्रक चालक बल¨वद्र ¨सह ने बताया कि वह हिसार से हैदराबाद के लिए जा रहा था। करीब सवा तीन बजे यहां पहुंचा तो वह भी जाम में फंस गया। इसी प्रकार ट्रक चालक याशीन ने बताया कि वह पंजाब से कोटपुतली जा रहा था। सुबह करीब साढ़े चार बजे यहां पहुंचा तो उसका ट्रक भी जाम में फंस गया। इसी प्रकार ट्रक चालक भगत ¨सह ने बताया कि वह भिवानी से अमृतसर जा रहा था। रास्ता बंद होने के चलते उनका ट्रक भी जाम में फंस गया। इसके चलते उन्हे घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा। 3 किलोमीटर तक लग गई थी वाहनों की कतारें

जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की करीब 3 किलोमीटर लंबी कतारें लग गई। हालात यह थे कि तिगड़ाना मोड़ से गांव जाटु लोहारी तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे और वाहन चालक घंटों तक परेशानी में दिखाई दिए। करीब साढ़े 9 बजे रास्ता खुलने के बाद ही वाहन चालक अपने गंतव्य की ओर चले और उन्होंने राहत की सांस ली। रोडवेज विभाग को झेलना पड़ा आर्थिक नुकसान

भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर जाम लगने से रोडवेज विभाग को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा, क्योंकि भिवानी से हांसी जाने वाली व हांसी से भिवानी आने वाली बसों को वाया बलियाली के रास्ते गुजरना पड़ा। इससे बसों को करीब 5 किलोमीटर अधिक की दूरी तय करनी पड़ी। बताया गया है कि रास्ता खुलने तक करीब 30 बसों का इस मार्ग से आवागमन रहा। छात्रों को भी शिक्षण संस्थाओं में समय में पहुंचने में हुई परेशानी

भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग के जाम होने से कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। जाटू लोहारी बस स्टैंड पर दर्जनों छात्राएं बसों के इंतजार में खड़ी रही। इसी तरह रास्ते के जाम होने के चलते कस्बा बवानीखेड़ा में भी बसें लेट पहुंची, जिससे यहां पर भी छात्र-छात्राओं को बसों के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। छात्र शुभम, शंकर, नितिन, दीपक, रवि, राहुल, राकेश, अजय, सचिन, प्रवीण आदि ने बताया कि वे भिवानी स्थित कॉलेजों में पढ़ते है। जाम के कारण उन्हे बसें देरी से मिली। इसके चलते वे अपने शिक्षण संस्थाओं में देरी से पहुंचे। पेड़ गिरने से विभाग को लाखों का नुकसान : वन रक्षक

वन रक्षक राजकुमार ने बताया कि तेज अंधड़ व बारिश के चलते इलाके के विभिन्न मार्गो और माइनरों के किनारे खड़े करीब 5 दर्जन भारी-भरकम पेड़ गिर गए। उन्होंने बताया कि इससे वन विभाग को लाखों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर गिरे पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर तीन जेसीबी मशीन लगाकर हटाया गया है और करीब साढ़े 9 बजे मार्ग को साफ कर दिया गया है।

Posted By: Jagran