संवाद सूत्र, जूई : मुंहखुर रोग ने पशुपालकों की नींद उड़ाई है। गांव लालावास में यह रोग बढ़ता जा रहा है। इस रोग की वजह से दुधारू पशुओं की दूध की 80 फीसद तक कमी आई है। जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पशुपालकों का कहना है कि पशु रोग विशेषज्ञों की टीम गांव में दौरा करे और इस रोग पर कंट्रोल करने के लिए सार्थक पहल करे। कैलाश नंबरदार की 25 भैंस और गाय मुंहखुर की चपेट में आई गांव के कैलाश नंबरदार ने बताया कि उसकी डेयरी है। इसमें 25 भैंस व गाय हैं। सभी भैंस मुंहखुर रोग की चपेट में आ गई हैं। दवाई नहीं मिल रही हैं। जिसकी वजह से दुधारू पशुओं में 80 फीसदी तक दूध में कमी आ गई है। जो दूध मिलता है वह भी खराब होता है। उसे नालियों में बहाना पड़ रहा है। एक सप्ताह से मुंहखुर रोग गांव में फैला है पशुपालक सुरेंद्र सिंह, रामेश्वर ने बताया कि एक सप्ताह से भी ज्यादा समय से गांव में मुंहखुर रोग फैला है। गांव के पशु बीमार होकर मरणासन्न पहुंच रहे हैं। डाक्टरों के पास जाते हैं तो जवाब मिलता है अभी वैक्सीन आई नहीं है। जल्द आने वाली है इसके बाद गांवों में अभियान चलाया जाएगा। अस्पतालों में नहीं है वैक्सीन पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल अस्पताल में वैक्सीन नहीं है। मार्च माह के अंत तक आने की उम्मीद है। वैसे मुंह खुर रोग पर कंट्रोल किया जा चुका है। थोड़ा बहुत यह रोग हो सकता है। उस पर भी कंट्रोल कर लिया जाएगा। सीजन अच्छा है अब पशुओं में इतने रोग नहीं पशु रोग विशेषज्ञों ने हकीकत से विपरीत दावा किया है। उनकी मानें तो पशुओं में अब मुंह खुर जैसे रोग न के बराबर है। अब धूप खिलने लगी है। गर्म मौसम आ गया है। इसलिए मुंह खुर रोग की संभावना न के बराबर है। पशुपालक थोड़ा सावधानी बरतें और ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। ::::पशुओं में मुंह खुर रोग होने की कोई शिकायत उनके सामने नहीं आई है। मुंह खुर रोग फिलहाल नहीं है। शिकायत मिलती है तो विभाग की टीम वहां पर जाएगी ओर पशुओं का उपचार किया जाएगा।

डा. विकास

पशुपालन विभाग

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप