संवाद सूत्र, ढिगावा मंडी: भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में ढिगावा मंडी में बाजरा खरीद में आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान व मंडी में मूंग खरीद शुरू कराने की मांग के लिए किसान पंचायत का आयोजन किया गया। किसान पंचायत के बाद गुस्साएं किसानों ने मार्केट कमेटी दफ्तर के सामने जमकर नारेबाजी की और समाधान ना होने की सूरत में कड़ा निर्णय लेने का फैसला लिया। किसान पंचायत की अध्यक्षता जिला प्रधान अशोक अमीरवास ने की। किसान पंचायत के बाद मांगों के लिए किसानों ने मार्केट कमेटी के कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मांग उठाई।

भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि फसल खरीद में सरकार का तंत्र फेल साबित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि मंत्री द्वारा मंडियों में सही व्यवस्था और फसल खरीद होने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अधिकारी और कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं। मंडियों में किसानों के बाजरे के बजाय फर्जी रजिस्ट्रेशन के ऊपर दूसरे प्रदेशों से लाया गया बाजरा बेचा जा रहा है। किसान अपने फोन में मैसेज आने का इंतजार कर रहा है और व्यापारियों का बाजरा रोज बिक रहा है। ढिगावा मंडी शुरू होने से लेकर अब तक प्रतिदिन केवल 15 से 16 किसानों को ही गेट पास दिए जाते हैं जबकि अपनी फसल बेचने वाले किसानों की संख्या रजिस्ट्रेशन पर लगभग 8 हजार है। केवल चार हफ्ते खरीद चलनी है और इस गति से अगर गेट पास जारी होते रहे तो 80 फीसद से ज्यादा किसान अपनी फसल बेचने से वंचित रह जाएंगे। 25 फीसद गेट पास नहीं हुए जारी

दूसरी तरफ लोहारू मार्केट कमेटी तरफ से जारी होने वाले 25 फीसद गेट पास अभी तक जारी नहीं हो पाए है। अधिकारी इसे पोर्टल में दिक्कत बता रहे है। किसान पंचायत में यह निर्णय हुआ की प्रतिदिन कम से कम ढाई सौ किसानों को गेट पास जारी किए जाएं ताकि सब किसान अपनी उपज बेच सके। मंडी में तत्काल प्रभाव से मूंग की खरीद भी शुरू की जाए ताकि इस क्षेत्र के किसानों को दूरदराज ना जाना पड़े और वह अनावश्यक खर्चे से बच सकें। किसानों ने फोन पर बताई समस्या

मंडी की समस्या और मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी लोहारू जगदीश चंद्र और मार्केट कमेटी लोहारू सचिव संजय फोगाट से फोन पर बात कर समस्या व मांग रखी गई। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि अगर मंडी में किसानों की उपज तेज गति से नहीं खरीदी गई और मूंग खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर बलवंत खरखड़ी, हवा सिंह,प्रदीप, सोमबीर सिरावग, रणबीर पहाड़ी, सचिन, श्याम सुंदर, भूपेंद्र और मीर सिंह मौजूद थे।

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