जागरण संवाददाता, भिवानी : कांग्रेस कृषि सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के निशाने पर केंद्र व राज्य सरकार के अलावा कृषि मंत्री जेपी दलाल भी रहे। वक्ताओं ने तीन महीनों से आंदोलनरत किसानों के प्रति बेरुखी के लिए केंद्र सरकार के रवैये की भ‌र्त्सना की। सम्मेलन के बाद कांग्रेसियों ने आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ अभद्र भाषा प्रयोग की निदा की और कृषि मंत्री जेपी दलाल का पुतला फूंका। सम्मेलन में पुलवामा आतंकी हमले के शहीद जवानों और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मंत्री किरण चौधरी और पूर्व सांसद श्रुति चौधरी के दिशा निर्देश पर रविवार को यहां नेहरू पार्क में आयोजित किसान सम्मेलन की अध्यक्षता रिटायर्ड प्रिसिपल राम सिंह यादव ने की। पूर्व संसदीय सचिव रामकिशन फौजी, वरिष्ठ नेता अमर सिंह हलवासिया, राम प्रताप शर्मा, कृष्ण लेघां, देवराज मेहता आदि ने सम्मेलन को संबोधित किया। पुलवामा हमले के शहीद जवानों और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद खंड स्तरीय किसान सम्मेलन की शुरुआत हुई। वक्ताओं ने कहा कि देश के किसान और किसानी के लिए नए कृषि कानून घातक हैं। केंद्र को इन कानूनों को तत्काल वापस लेना चाहिए। वक्ताओं ने डीजल-पेट्रोल, घरेलू गैस के दाम वृद्धि की निदा और कहा कि दिन-ब-दिन बढ़ती महंगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। वक्ताओं ने कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के प्रति की गई टिप्पणी को बेहद संवेदनहीन बताते हुए कठोर शब्दों में निदा की। इसके बाद कांग्रेसियों ने कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। इसके पहले अमर सिंह हलवासिया ने बताया कि सम्मेलन में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस के दाम कम करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किए। इस अवसर पर हरि सिंह सांगवान, शीशराम चेयरमैन, रविद्र खरे, अशोक ढोला, कल्लू भट्ट, परमजीत मड्डू, करतार सिंह पूर्व सरपंच बामला, जागेराम पूर्व सरपंच निमडीवाली, अमर पाल पूर्व सरपंच नवा, सूबेदार सूबे सिंह ढाणी जंगा, संजय बडाला, विनोद बडाला, जगदीश पूर्व पंच गोविदपुरा आदि गणमान्य उपस्थित रहे।

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