जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : सर्व कर्मचारी संघ संबंधित अखिल भारत सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर मंगलवार को स्थानीय एसकेएस कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला संयोजक राजकुमार घिकाड़ा ने की। संचालन सह सयोजक कृष्ण भागवी ने किया।

बैठक में हेमसा राज्य वरिष्ठ उपप्रधान शर्मिला हुड्डा ने शिरकत की। शर्मिला हुड्डा ने गत 10 सितंबर को विधानसभा कूच के दौरान सरकार की दमनकारी नीतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी मनमानी करने पर उतारू है। एस्मा जैसे नियम लागू कर सरकार कर्मचारियों के अधिकारों का हनन कर रही है। शर्मिला हुड्डा ने बताया कि सोमवार को विधानसभा कूच पर निकले कर्मचारियों पर पुलिस ने हाउ¨सग बोर्ड के नजदीक लाठी चार्ज किया, आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार छोड़ी। इस लाठी चार्ज में 50 से अधिक कर्मी चोटिल हुए जबकि सरकार को पहले ही इस प्रदर्शन का नोटिस दिया गया था, कर्मी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दमनकारी कदम के विरोध में 12 सितंबर को विरोध दिवस बना कर नगर में रोष प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने सभी विभागों के कर्मियों से 12 सितंबर को प्रात दस बजे स्थानीय रोज गार्डन में एकत्रित होकर सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मियों पर लाठीचार्ज सरकार के इशारे पर हुआ है जिसकी कर्मी ¨नदा करते हैं। सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर 22 जिलों में सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर हेमसा जिला प्रधान विजय लांबा, अध्यापक संघ जिला प्रधान रमेश जाखड़, चतुर्थ श्रेणी राज्य उपप्रधान रमेश मौड़ी, बिजली विभाग प्रधान ओमवीर कालेहर, सीटू प्रधान रणधीर कूंगड, प्रधान जगवीर भागवी, र¨वद्र जाखड़, रामपाल झोझू, सुरताराम, सतबीर सरोहा, कर्मबीर बिलावल, सचिव रामपाल रामबास, जिला हेमसा सचिव महेंद्र सांगवान इत्यादि उपस्थित रहे।

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