20 साल बाद 60 KG भार वर्ग में भारत को मिला रजत, हरियाणा के संदीप कड़वासरा ने एथेंस में लहराया तिरंगा
लोहारू के संदीप कड़वासरा ने एथेंस में आयोजित विश्व मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप-2026 में 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।

लोहारू के संदीप कड़वासरा ने एथेंस में लहराया तिरंगा (जागरण फोटो)
HighLights
संदीप कड़वासरा ने एथेंस में रजत पदक जीता।
भारत को 20 साल बाद यह पदक मिला।
अब पुर्तगाल और मलेशिया में दिखाएंगे दमखम।
महेश श्योराण, लोहारू। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर लोहारू की पहचान चमकाने वाले गांव झांझड़ा श्योराण के वेटलिफ्टर संदीप कड़वासरा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित विश्व मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप-2026 में संदीप ने 60 किलोग्राम पुरुष भार वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस वर्ग में भारत को 20 साल बाद रजत पदक मिला है। संदीप की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
संदीप ने अपनी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय सहयोग और कड़ी मेहनत को देते हुए पदक लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि विधायक के सहयोग के कारण ही वह इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर सके। विधायक राजबीर फरटिया ने संदीप को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि की सराहना की।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया लोहारू का गौरव
विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि संदीप क्षेत्र के लिए गौरव हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर लोहारू ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है।
हरियाणा मास्टर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट महेश श्योराण ने बताया कि संदीप भारतीय मास्टर वेटलिफ्टिंग टीम में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। वह अपने निजी कोच गोपाल कृष्ण और भाई डीडी शर्मा के मार्गदर्शन में सुबह-शाम कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
अब पुर्तगाल और मलेशिया की प्रतियोगिताओं पर नजर
एथेंस में पदक जीतने के बाद संदीप का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए और पदक जीतना है। वह 29 अक्टूबर से पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इसके बाद दिसंबर में मलेशिया के पेनांग में होने वाली कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेंगे। लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी से संदीप के सामने देश के लिए पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर होगा।
