संवाद सहयोगी, बाढड़ा : जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा उपमंडल क्षेत्र के 165 में से 65 अनुबंधित टयूबवेल आपरेटरों को हटाने के विरोध में उपमंडल कार्यालय के समक्ष लगातार दस दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन बुधवार को एसडीओ के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। मौके पर पहुंचे सांसद धर्मबीर सिंह ने धरनारत कर्मचारियों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। दोपहर बाद कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने भी आंदोलनरत कर्मियों के समर्थन में उनकी पैरवी की। एसडीओ ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि हटाए गए 65 कर्मचारियों में से 49 को दोबारा काम पर रखा जाएगा वहीं शेष 11 कर्मियों की आयु 55 व 60 से अधिक होने के कारण उनको नहीं रखा जाएगा। उपमंडल के जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पर 6 सितंबर से कच्चे टयूबवेल आपरेटरों द्वारा हलकाध्यक्ष राजबीर शर्मा की अध्यक्षता में धरना संचालित किया जा रहा था। आंदोलनरत कर्मचारियों ने कस्बे में धरना स्थल से उपमंडल कार्यालय तक रोष मार्च निकाल कर एसडीएम के माध्यम से सीएम मनोहर लाल को मांगपत्र देने का निर्णय लिया था। आखिरकार विभाग के एसडीओ सुरेश श्योराण ने आंदोलनरत कर्मचारियों से बातचीत की। जिस पर उन्होंने हटाए गए 65 कर्मचारियों में से 49 को दोबारा काम पर रखने पर सहमति जताई तथा शेष 11 कर्मियों की आयु 55 व 60 से अधिक होने के कारण उनको नहीं रखने पर असमर्थता प्रकट की। सांसद धर्मबीर सिंह ने भी धरना दे रहे कर्मचारियों को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया। आज के धरने पर केंद्रीय बैंक के पूर्व चेयरमैन संदीप बाढड़ा, प्रताप शर्मा, सुमित कादयान, महाबीर हड़ौदी, जगबीर चांदनी, सचिव संजय रामबास, जितेंद्र दगड़ौली, कृष्ण बिलावल, देवेंद्र पिचोपा, आशीष चांदवास, विनोद धनासरी, अमरजीत कादमा, रामसिंह ऊण, बिटू, विनय कुमार, मनोज, महावीर, चांदनी, मोनू बेरला, उमेद बेरला, बलवान चांदवास, धर्मेंद्र हडोदा, धर्मवीर, दलवीर, राजेश, नीटू, ओम प्रकाश बाढड़ा, सुरेंद्र खोरडा, जोगिद्र, सतेंद्र, जगबीर, संदीप लालाराम, रघुवीर सिंह, दीदार सिंह, गुणपाल, विनोद, हरीश कादमा, जोगेंद्र, रोहतास खोरड़ा इत्यादि मौजूद रहे।

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