जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली मोदी सरकार में महिलाओं पर अपराध निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। यह बात महिला किसान नेत्री कृष्णा छपार ने बुधवार को कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। कोई भी दिन ऐसा दिन नहीं गुजरता जब प्रदेश के किसी कोने में किसी महिला के साथ दु‌र्व्यवहार, छेड़छाड़ या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध नहीं होते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक प्रकार से अराजकता का माहौल है। उन्होंने दिल्ली में एक बालिका के साथ हुई दरिदगी की निदा करते हुए कहा कि लोग अभी निर्भया कांड को भूले भी नहीं थे कि इस घटना ने जख्मों को फिर हरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे जिन लोगों का भी हाथ है उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी देनी चाहिए। कृष्णा छपार ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और अगर इसमें कोताही बरती गई तो किसान मजदूर मिलकर आंदोलन को मजबूर होंगे। 223वें दिन भी धरना रहा जारी

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल पर चल रहे धरने के 223वें दिन खाप सांगवान चालीस से सूरजभान सांगवान, खाप श्योराण प्रधान बिजेंद्र बेरला, खाप फौगाट प्रधान बलवंत नंबरदार, जाटू खाप से मा. राज सिंह, किसान सभा से प्रताप सिंह, खाप चौगामा से मीर सिंह नीमड़ीवाली, गंगाराम श्योराण, ओमप्रकाश दलाल, डा. राजू गौरीपुर, शीला देवी, रतनी देवी, राजबाला कितलाना, फूला मलिक, वीरा, मामकौर डोहकी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। मंच संचालन सुखदेव पालवास ने किया। ये रहे मौजूद

इस अवसर पर मा. ताराचंद चरखी, सुरेंद्र कुब्जानगर, आजाद सिंह अटेला, सबीर हुसैन, सुभाष यादव, मदन सिंह, सुरेश डोहकी, सीताराम, नत्थूराम फौगाट, कप्तान रामफल, सूबेदार सतबीर सिंह, सत्यवान कालुवाला, ईश्वर कोंट, कप्तान चंदन सिंह, सूबेदार कंवरसेन भी मौजूद रहे।

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