जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : किसान आंदोलन के दौरान गठबंधन सरकार के नेता भाईचारे को बिगाड़ने की नीयत से दौरा कर रहे हैं। यह बात चौ. छोटूराम, भीमराव आंबेडकर मंच के संयोजक गंगाराम श्योराण ने शनिवार को कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि तीन कृषि कानून बनने के बाद जनता भाजपा और जजपा नेताओं की शक्ल तक नहीं देखना चाहती और जगह जगह इनको विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी ये नेता दौरे कर रहे हैं। श्योराण ने हिसार जिले के कुलेरी गांव के महेंद्र सिंह सहित किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले सभी किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सभी वर्ग एकजुट होने से सरकार दबाव में है। लेकिन सत्ता के नशे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्हें रद करने से हिचकिचा रहे हैं। उन्हें भूलना नहीं चाहिए कि इसी जनता के कारण वे सत्ता में हैं।

कितलाना टोल पर धरने के 226वें दिन खाप सांगवान सचिव नरसिंह डीपीई, खाप श्योराण प्रधान बिजेंद्र बेरला, मा. राजसिंह, किसान सभा से रणधीर कुंगड़, बलबीर बजाड़, सुभाष यादव, कमल सांगवान, सुशीला घणघस, कलावती, रतनी देवी, फूला देवी, निबो डोहकी, प्रेम कितलाना ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सर्दी, गर्मी और बारिश कैसे भी मौसम का सामना करना पड़े वे अपनी मांग पूरी होने तक धरने पर डटे रहेंगे। ये रहे मौजूद

इस अवसर पर मा. ताराचंद चरखी, सूरजभान सांगवान, सुरेंद्र कुब्जानगर, राजू मान, प्रो. जगमिद्र, कप्तान रामफल, राजकुमार हड़ौदी, सुखदेव पालवास, राजकुमार, जगदीश हुई, देशराम भांडवा, सबीर हुसैन, सुलतान खान, महाबीर जांगड़ा, सत्यवान कालुवाला, ईश्वर कोंट, सुरेश डोहकी, शमशेर सांगवान, संतोष देशवाल, मामकौर, फूलपति, ओमपति, संतरा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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