जेएनएन, चरखी दादरी। खाप पंचायतों ने कहा है कि उनका ऑनर किलिंग से कोई लेना देना नहीं है। वह अंतरजातीय विवाह के खिलाफ नहीं है। यहां हुई खापों की पंचायत में मांग की गई कि हिंदू मैरिज एक्‍ट में बदलाव होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि खापों को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। खान समाज को तोड़ने नहीं बल्कि जोड़ने का काम करती हैं।

जिले की सभी खापों के प्रतिनिधियों की पंचायत यहां बाबा स्वामी दयाल धाम में हुई। इसकी अध्‍यक्षता फाैगाट खाप के प्रधान रामदास फौगाट ने की। पंचायत में सर्वोच्च न्यायालय के विवाह संबंधी टिप्पणियों पर विचार विमर्श किया गया। सभी प्रतिनिधियों ने कहा कि खापों का ऑनर किलिंग से कोई लेना देना नहीं है, न ही खापें अंतरजातीय विवाह के खिलाफ हैं।

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इस दौरान खाप प्रतिनिधियों ने हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव की वकालत की। उन्‍होंने कहा किहिंदू विवाह कानून में गांव, गोहांड एवं एक ही गौत्र में शादी न करने का संशोधन करवाया जाए। इसके लिए जल्द ही पूरे प्रदेश की खापें एकत्रित होकर लोकसभा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सभापति तथा राष्ट्रपति को हरियाणा के सांसदों के माध्यम से ज्ञापन सौंपेंगी। ज्ञापन में हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करने की मांग की जाएगी।

बैठक में खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि ये सब पाश्चात्य सभ्यता और संस्कृति से प्रभावित कुछ व्यक्तियों एवं एनजीओ की मिलीभगत है जो खापों को बदनाम करना चाहते हैं। खापों का इतिहास 10 हजार वर्ष पुराना है, इन्होंने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया है न कि तोड़ने का।

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खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि जहां तक दो बालिगों की शादी करने का सवाल है इसमें खापों का पहले से ही बड़ा स्पष्ट मत है कि गांव, गोहांड एवं खुद के गौत्र में शादी करना किसी भी तरह से मसलन नैतिक, सामाजिक एवं विज्ञानी रूप से बेहद गलत है और खापें इसे स्वीकार नहीं करती।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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