जागरण संवाददाता,चरखी दादरी : एनएचएम कर्मचारी संघ की दादरी जिला इकाई ने सेवा नियम में अनावश्यक छेड़छाड़ करने, फिक्स सैलरी आधारित करने का विरोध करते हुए 30 जून से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया है। सोमवार को एनएचएम कर्मचारी संघ ने दादरी के सिविल सर्जन डा. सुदर्शन पंवार को मिशन निदेशक के नाम ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले संगठन ने उक्त आदेश के विरोध में धरना, प्रदर्शन का आयोजन किया था। साथ ही बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी थी। इसी कड़ी में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा 30 जून से हड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले एनएचएम कर्मचारियों ने 24 जून को प्रदेश के सभी जिलों में वित्त विभाग के उक्त आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध किया गया था । इसी पत्र को लेकर 26 जून को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की बैठक की गई तथा सरकार व अधिकारियों द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी के चलते सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि 27 जून को सभी जिलों में सिविल सर्जन के माध्यम से मिशन निदेशक को ज्ञापन दिया जाएगा। इसी कड़ी में 30 जून से सभी जिलों के एनएचएम कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले जाएंगे। सभी सेवाएं रहेंगी बाधित

संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सहित सभी सेवाएं बाधित रहेंगी। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या के लिए सरकार विभाग जिम्मेदार होगा। अगर फिर भी मांगों व समस्याओं की कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है ये है मांगे

हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों की मांग है कि सेवा नियमों में अनावश्यक छेड़छाड़ करना बंद किया जाए, फिक्स बेसिस सैलरी के आदेश को तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए। मुख्यमंत्री की घोषणा पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। सभी एनएचएम कर्मचारियों को स्थाई सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके अलावा सेवा नियम में वेतन विसंगति सहित आवश्यक संशोधन की जाए। साथ ही एनएचएम कर्मचारियों द्वारा वर्ष 2017, 18, 19 में की गई हड़ताल का वेतन अन्य संगठनों की तरह जारी की जाए।

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