Haryana News: नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन जारी, 24 घंटे सातों दिन मिलेगी सुविधा
चरखी दादरी में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मानस-1933 हेल्पलाइन शुरू की है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जहाँ नागरिक ...और पढ़ें

: नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन जारी (File Photo)
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गृह मंत्रालय ने नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 की शुरुआत की है। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेगी। नागरिक इस मंच के माध्यम से नशीली दवाओं की रिपोर्ट तुरंत सांझा कर सकते हैं।
नागरिक वर्ष 2047 तक नशामुक्त भारत के के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए नशीली दवाओं की तस्करी की हेल्पलाइन के माध्यम से रिपोर्ट दें। नागरिक हेल्पलाइन से नशीली दवाओं के बारे में परामर्श भी ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध शुरू की गई नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 प्लेटफार्म की पहुंच बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया की सुविधा के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 के बारे में नागरिकों को जागरूक करना है।
व्यापार की जानकारी साझा कर सकेंगे
इस हेल्पलाइन की सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। लोग बिना डर या नि-संकोच नशीली दवाओं की तस्करी या व्यापार की जानकारी साझा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल समाज में फैले नशे की प्रवृत्ति को रोकेगी, बल्कि युवाओं को भी इस बुराई से बचाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है और इस दिशा में जन-सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि नशा मुक्ति के लिए जारी जंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मानस हेल्पलाइन-1933 की शुरुआत की है।
इस पहल का उद्देश्य भारत को जल्द से जल्द नशामुक्त बनाना है। मानस-1933 हेल्पलाइन के जरिए आमजन ड्रग तस्करी, नशा सेवन और इससे जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय सूचना साझा कर सकते हैं। इसके साथ ही इस हेल्पलाइन के माध्यम से काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
समाज का हर वर्ग लड़ाई में दे साथ
उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की है। सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
मानस-1933 हेल्पलाइन न केवल तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई करने का माध्यम बनेगा, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक नई उम्मीद साबित होगी, जो नशे की गिरफ्त में हैं और इससे बाहर निकलना चाहते हैं।

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