जागरण संवाददाता, भिवानी :

मानेहरू-भिवानी रेल लाइन का न दोहरीकरण हो रहा और न ही भिवानी लोहारू रेल लाइन बन रही। दोनों ही राजनीतिक मुद्दा भर हैं। इनके लिए लोगों की मांग भी वर्षों से चल रही है। लेकिन डीआरएम ने स्पष्ट कर दिया कि इनको लेकर रेलवे के पास अभी तक कोई योजना नहीं है। डीआरएम बोले इन दोनों पर फिलहाल कोई काम पाइप लाइन में नहीं है। शुक्रवार को भिवानी जंक्शन का डीआरएम संजय श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। उन्होंने 31 जनवरी को महाप्रबंधक के भिवानी आगमन की तैयारियों की समीक्षा की। जंक्शन पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। रेलवे कालोनी का भी निरीक्षण किया और वहां रह रहे लोगों से सुविधाओं के बारे में जाना। डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के लिए हर जरूरी सुविधाएं सुलभ कराई जाएं।

शुक्रवार को करीब 11:30 बजे से डीआरएम भिवानी जंक्शन पर एक घंटे से ज्यादा समय तक रुके। उन्होंने वेटिग रूम, टिकट खिड़की, विद्युत चालित सीढि़यों, प्लेट फार्म नंबर एक, दो और तीन के अलावा जंक्शन पर बने रेस्ट हाउस आदि का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों से भी बातचीत की और जंक्शन पर मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। सवालों का जवाब देते हुए डीआरएम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भिवानी लोहारू रेल लाइन पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो रहा है। इसे लेकर किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव तक नहीं है। डीआरएम ने कहा कि मानेहरू भिवानी लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव जरूर आया था, लेकिन उस पर काम नहीं हो रहा है। इस मौके पर सीनियर डीसीएम जितेंद मीना, एसएस जीके गुप्ता, सीएमआई धर्मबीर सिंह, कृष्ण कौशिक आदि मौजूद रहे। विद्युत चालित सीढियों से उतरते हुए ही हो गई बंद

डीआरएम जब विद्युत चालित सीढि़यों से नीचे उतरे तब तक तो सीढि़यां वर्किंग मोड में दिखी। जैसे ही वे रेस्ट हाउस से वापस आए और जंक्शन का दौरा कर रहे थे उसी दौरान ये विद्युत चालित सीढि़यां बंद हो गई। इस बारे में एडवोकेट सूरज अग्रवाल ने अतिरिक्त महाप्रबंधक से बात की ओर उनके संज्ञान में लाया गया कि विद्युत चालित सीढि़यां डीआरएम के जंक्शन रहते हुए भी बंद हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त महाप्रबंधक ने इतना भर कहा है कि इस मामले में संज्ञान लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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