किसानों पर आफत! बारिश के साथ ओलावृष्टि ने तबाह कर दी महीनों की मेहत, सरकार से की मुआवजे की मांग
जुई क्षेत्र में मंगलवार सुबह अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गईं। सरसों, गेहूं, ...और पढ़ें

कैप्शन: खेत में बर्फबारी के बाद का दृश्य
HighLights
जुई क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान
सरसों, गेहूं, चना और सब्जियां 100% तक बर्बाद हुईं
किसानों ने 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की
संवाद सूत्र, जुई। जुई क्षेत्र में मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने भयावह करवट ले ली। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बड़े-बड़े ओले गिरने से सरसों, गेहूं, चना और सब्जियों की फसलें बुरी तरह तबाह हो गईं।
ओलावृष्टि से भानगढ़ ढाणी शंकर ,भाखड़ा, हरिपुरा, गोलपुरा, टिटनी, केरपुरा, कुसुंबी, मलवास, लोहानी पाथरवाली, नंगला, खैरपुरा, जूई, गोलागढ़ सहित करीब दो दर्जन गांवों में व्यापक नुकसान की सूचना है। किसानों के अनुसार कई गांवों में 50 से 80 प्रतिशत, जबकि कुछ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो चुकी है। बीजेपी नेता प्रदीप गोलागढ़ ने कहा कि जुई क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों में गेहूं और सरसों की फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।
पूरे इलाके में तबाही का मंजर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा दिया जाए और खराब हुई फसलों की तत्काल 100 प्रतिशत गिरदावरी कर राहत प्रदान की जाए। राजपाल पाथरवाली सहित किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से शीघ्र नुकसान का आकलन कर फसल बीमा व आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
