संवाद सहयोगी, बहल : गहराते भूमिगत जल के बचाव व भंडार विकल्प पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने गांव स्तर पर जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाकर किसानों व ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के तहत बारिश के पानी के भंडारण व सूक्ष्म जल सिचाई को बढ़ावा देने को लेकर किसान शिविर का आयोजन किया गया है। वहीं सरकार द्वारा जल भंडारण योजनाओं व अनुदानों के बारे में किसानों को विशेष रूप से जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में खंड के विभिन्न गांवों में किसान शिविर का आयोजन कर जल संरक्षण पर जानकारी दी गई। खंड कृषि डा.संजीव कुमार ने किसानों को बताया कि सरकार ने किसान के कल्याण में व्यापक योजनाओं को लागू करके आर्थिक व समाजिक उत्थान बढ़ाने की ओर एक कदम बढ़ाया है। जल भंडारण कल का भविष्य है और भूमिगत गहराते जल का विकल्प। जल शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों व लोगों को जल भंडारण के तौर तरीके व समुचित प्रयोग विधि के बारे में जागरूक करना है। इसके लिए सरकार सहायता सहित जल भंडारण टंकी के निर्माण पर जोर दिया है। बारिश के पानी का भंडारण करके किसान लोग बेहतर भविष्य संरचना सकते हैं। बारिश के पानी को टपका सिचाई विधि से प्रयोग करके एक अच्छी फसल तैयार करने में सहायक होगा ही साथ ही भूमिगत पानी को भी बचाया जा सकता है। टपका व सूक्ष्म सिचाई विधि से बेहतर फसल तैयार करने में काफी हद तक सहायक साबित हो रही है। इससे लंबे समय तक भूमि की नमी बरकरार रहती है और फसलों के लिए फायदे मंद होती है। किसान शिविर को सहायक तकनीकी प्रबंधक डा.मदन छानी ने कपास फसल पर रोगों व कीटों के उपचार व बचाव पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि किसान किसी प्रकार के कीट सुरक्षा की दवाओं का छिड़काव कृषि विशेषज्ञों के परामर्श के बाद ही करें ताकि फसलों को फायदा मिल सके। फसल को समय पर पानी व दवाओं का इस्तेमाल किया जाए तो बेहतर उपज ली जा सकती है। वहीं डा.मदन ने बताया कि किसानों को सरकार द्वारा शुरू की योजनाओं का फायदा उठाकर बेहतर कल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर धर्मबीर, कर्ण सिंह, रूघबीर, दलीप, मीरसिंह, सुमेर, प्रवीण, विकास, मुकेश, अंकित आदि किसान मौजूद रहे।

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