भिवानी, जागरण संवाददाता। भिवानी में नाबालिक बच्चे के साथ कुकर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने 20 साल कैद व  10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा होगी। यह फैसला न्यायाधीश सोनिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट पोस्को भिवानी की कोर्ट ने सुनाया। दोषी को 06 पोस्को एक्ट के तहत 20 साल की सजा, 10,000 रुपये जुर्माना व धारा 506 भारतीय दंड संहिता में 3 वर्ष की सजा की गई है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।

न्यायाधीश सोनिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट पोस्को की अदालत ने सुनाया फैसला

मामले में थाना लोहारू पुलिस ने वर्ष 2021 में केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती। मामले के अनुसार वर्ष 2021 में थाना लोहारू पुलिस को एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिसमें नाबालिक लड़के के पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपित ने उसके नाबालिग लड़के को बहला-फुसलाकर कमरे में ले जाकर उसके साथ कुकर्म किया और किसी को बताने पर जान जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए और आरोपित को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान बिसलवास वासी सुरेश के रूप में हुई। जिसे अब 20 साल कैद की सजा सुनाई  गई है।

जांच अधिकारी के अनुसार

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने जिला  सभी प्रबंधक थाना, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि पोस्को एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर केस दर्ज करें। महत्वपूर्ण साक्ष्य व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही करते हुए न्यायालय से आरोपियों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास करें।

Edited By: Naveen Dalal

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