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हरियाणा के निशानेबाज सामर्थ्य और तन्वी ने किया कमाल, ऑस्ट्रेलिया शूटिंग एथलीट स्कॉलरशिप के लिए हुए चयनित

Published: Fri, 28 Aug 2026 08:25 PM (GMT+05:30)

भिवानी के 13 वर्षीय सामर्थ्य सांगवान और सोनीपत की 17 वर्षीय तन्वी लठवाल को आस्ट्रेलियाई शूटिंग स्कालरशिप मिली है।

भिवानी के सामर्थ्य और सोनीपत की तन्वी को मिली ऑस्ट्रेलिया शूटिंग एथलीट स्कॉलरशिप।

भिवानी के सामर्थ्य और सोनीपत की तन्वी को मिली ऑस्ट्रेलिया शूटिंग एथलीट स्कॉलरशिप।

HighLights

  1. भिवानी के सामर्थ्य और सोनीपत की तन्वी का चयन

  2. आस्ट्रेलिया टीपीए स्कालरशिप प्रोग्राम 2026 के लिए चयन

  3. युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर

जागरण संवाददाता, भिवानी। हरियाणा की युवा शूटिंग प्रतिभाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। भिवानी के 13 वर्षीय सामर्थ्य सांगवान और सोनीपत की 17 वर्षीय तन्वी लठवाल का चयन आस्ट्रेलिया के टारगेट पिस्टल आस्ट्रेलिया (टीपीए) के इनग्रल आइएसएसएफ एथलीट स्कालरशिप प्रोग्राम 2026 के लिए हुआ है।

टीपीए ने अपने वर्ष 2026 के पहले स्कालरशिप राउंड के लिए कुल 11 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया है। इनमें हरियाणा के इन दो युवा निशानेबाजों का चयन विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

सामर्थ्य सांगवान के दादा इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सांगवान ने कहा महज 13 वर्ष की उम्र में सामर्थ्य सांगवान का इस अंतरराष्ट्रीय स्कालरशिप प्रोग्राम के लिए चयन होना उनकी प्रतिभा, मेहनत और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है।

वहीं, 17 वर्षीय तन्वी लठवाल ने भी अपनी लगन और प्रदर्शन के दम पर इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में जगह बनाई है। इस स्कालरशिप प्रोग्राम का उद्देश्य प्रतिभाशाली शूटिंग खिलाड़ियों को उनकी खेल यात्रा में सहयोग देना, उनकी क्षमता को विकसित करना तथा उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराना है।

खेल प्रेरक एडवोकेट राजनारायण पंघाल ने जानकारी देते हुए दोनों युवा खिलाड़ियों को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। हरियाणा की धरती ने हमेशा देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं और सामर्थ्य सांगवान तथा तन्वी लठवाल जैसे युवा निशानेबाज प्रदेश की नई खेल पीढ़ी की उम्मीद हैं।

उन्होंने कहा कि एक 13 वर्षीय खिलाड़ी और एक 17 वर्षीय खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्कालरशिप प्रोग्राम में चयन होना इस बात का प्रमाण है कि कम उम्र में भी प्रतिभा और मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

खिलाड़ियों के माता-पिता एवं प्रशिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि इन युवाओं की सफलता के पीछे परिवार और प्रशिक्षकों का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सामर्थ्य और तन्वी आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पदक जीतेंगे और ओलिंपिक पाेडियम तक पहुंचेंगे।