जागरण संवाददाता, चरखी दादरी :

शुक्रवार को दादरी नगर के रेलवे रोड स्थित गुरुद्वारा ¨सह साहिब में सिखों के प्रथम गुरुनानक देव का जन्मोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रांगण में लंगर का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर छका। समूह साध संगत द्वारा बाहर से पाठी बुलाए गए थे। अखंड पाठ का समापन भोग लगाकर किया गया। इस मौके पर सत्संग, भजन कीर्तन किया गया। रागी जत्थों ने शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया।

रागियों ने सिख इतिहास तथा गुरु साहिब जी की शिक्षाओं से भी संगत को अवगत कराया। प्रचारकों ने कथा के दौरान गुरबाणी शब्द की व्याख्या की। कार्यक्रम आयोजन ने कहा कि गुरु नानक जयंती को गुरु नानक पर्व और प्रकाश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सिख धर्म के सबसे पहले गुरु का जन्म हुआ था। गुरु नानक जी ने ही सिख समुदाय की स्थापना की थी। उनके जन्मदिन को सभी सिख लोग धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन गुरुद्वारे में भव्य लंगर का आयोजन किया जाता है। गुरु नानक जी का जन्म 15 अप्रैल 1469 में तलवंडी में हुआ था। इस स्थान को ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। ये स्थान पाकिस्तान में है। ये सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व की शुरुआत दो दिन पहले से ही गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ से शुरू हो जाती है। 48 घंटे तक चलने वाले इस पाठ को अखंड पाठ कहा जाता है। श्रद्धालुओं ने मत्था टेक अपने परिवार की मंगल कामनाएं की। सिख संगत ने गुरु नानक देव की शिक्षाओं को अनुकरणीय बताया।

मौजूद लोगों ने कहा कि महापुरूष किसी जाति विशेष के न होकर सर्व समाज के सांझे होते हैं। गुरू नानक देव सिख धर्म के महान संत थे। कार्यक्रम में इस अवसर पर सरदार मनप्रीत ¨सह, जगजीत ¨सह, प्रशांत, अशोक, देवेन्द्र ¨सह इत्यादि उपस्थित थे। गुरु नानक प्रकोत्सव मनाया

हर साल की भांति इस बार भी शहर के सुभाष चौक में स्थित गुरुद्वारा में गुरु नानक प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया गया यहां गुरुद्वारा सेवा समिति की ओर से गुरुवाणी कार्यक्रम व लंगर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से गुरुद्वारा में श्रद्धालुओं का तांता शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया और गुरु नानक की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर दादरी के विधायक विशेष रूप से उपस्थित हुए तथा सिख समाज के लोगों को गुरू नानक देव के दिखाए गए मार्ग पर चलने का आग्रह किया। आयोजकों ने कहा कि गुरु नानक देव ने समाज को उचित दिशा दी। उनके बताए मार्ग पर चलने से सामाजिक उत्थान को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में समिति के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

Posted By: Jagran

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