विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

4 भाई-बहनों ने एक साथ पहनी खाकी, हरियाणा में किसान परिवार ने लिखी सफलता की इबारत; गर्व-भावुकता से भरा रहा पल

Published: Mon, 13 Jul 2026 09:55 PM (IST)

तोशाम के संडवा गांव के एक किसान परिवार के चार भाई-बहनों ने विभिन्न सुरक्षा सेवाओं में चयनित होकर खाकी वर्दी पहनने का सपना साकार किया है।

चार भाई-बहनों ने पहनी खाकी, संडवा के किसान परिवार ने लिखी सफलता की नई इबारत।

चार भाई-बहनों ने पहनी खाकी, संडवा के किसान परिवार ने लिखी सफलता की नई इबारत।

HighLights

  1. संडवा गांव के चार भाई-बहन सुरक्षा सेवाओं में शामिल हुए

  2. किसान माता-पिता ने सीमित संसाधनों में बच्चों को शिक्षित किया

  3. सुदेश, उर्मिला, मोनिका, अंकित अब खाकी वर्दी में सेवारत

प्रवीण सांगवान, तोशाम। उपमंडल के गांव संडवा का एक किसान परिवार आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है। परिवार के चार भाई-बहनों ने अलग-अलग सुरक्षा सेवाओं में चयनित होकर खाकी वर्दी पहनने का सपना साकार किया है।

हाल ही में जब चारों भाई-बहन पहली बार एक साथ वर्दी में नजर आए तो यह पल परिवार के लिए गर्व और भावुकता से भरा रहा। उनकी सफलता की चर्चा पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में हो रही है। गांव संडवा निवासी किसान अत्तर सिंह ने बताया कि वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। बड़ा बेटा श्याम सुंदर राजस्थान के सीकर स्थित प्रिंस स्कूल में शिक्षक है और बच्चों को ऑनलाइन भी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। बेटी सुदेश कुमारी चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं, उर्मिला रेलवे पुलिस चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं दे रही हैं, जबकि मोनिका दिल्ली पुलिस में तैनात हैं।

सबसे छोटा बेटा अंकित हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत है। अत्तर सिंह ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अधिक शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बच्चों की शिक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि परिवार के चार बच्चे खाकी वर्दी में देश की सेवा कर रहे हैं।

बड़े भाई श्याम सुंदर ने बताया कि सभी भाई-बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। नियमित अध्ययन, अनुशासन और सही रणनीति के बल पर उन्हें शुरुआती प्रयासों में ही सफलता मिलती गई।

उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। किसान अत्तर सिंह ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी सुदेश कुमारी वर्ष 2010 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुई थीं।

इसके बाद उर्मिला वर्ष 2021 में रेलवे पुलिस में चयनित हुईं, जबकि मोनिका दिल्ली पुलिस और अंकित हरियाणा पुलिस ने वर्ष 2024 में अपनी-अपनी सेवाएं जॉइन कीं। उन्होंने बताया कि परिवार के तीन बच्चों का विवाह हो चुका है, जबकि मोनिका और अंकित अभी अविवाहित हैं। चार भाई-बहनों की यह उपलब्धि न केवल संडवा बल्कि पूरे तोशाम क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।