संवाद सहयोगी, लोहारू : लोहारू सीएचसी से अब तक चार मरीज कोरोना को हराकर अपने घर पहुंचे हैं। वीरवार को भी सीएचसी लोहारू एक कोरोना मरीज को ठीक करके उसे घर भेजा, लेकिन इस मरीज ने बुधवार को अपने बेड के साथ लेटे अपने बड़े भाई को इस दुनिया से जाते हुए भी देखा था। अभी 12 कोरोना मरीज वार्ड में भर्ती हैं।

वीरवार को राजस्थान के पिलानी का भी एक मरीज यहां भर्ती हुआ। सीएचसी के लिए दुखद खबर ये है कि सीएचसी यहां भर्ती मरीजों में गत तीन दिनों में तीन मरीजों को बचा नहीं पाया। वीरवार शाम सात बजे ठीक होकर सीएचसी से जा रहे एडवोकेट नरेंद्र सिंह सोहांसड़ा का चेहरा सीएचसी के डा. गौरव चतुर्वेदी तथा पूरे स्टाफ का बहुत आभार जता रहा था। नरेंद्र ने बताया कि डा. और उनके स्टाफ सभी मरीजों की बहुत देखभाल करता है। दवा, पानी, भोजन से लेकर दिन-रात पल-पल पर मरीजों की निगरानी यहां के स्टाफ के बारे में घर के सदस्यों जैसा अहसास कराती है। उन्होंने बताया कि कमी है तो केवल ऑक्सीजन की। कोरोना मरीजों को तो पर्याप्त ऑक्सीजन चाहिए।

शासन-प्रशासन सीएचसी लोहारू में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएचसी ने उनकी तो जान बचा दी। लेकिन उनके पास ही पास लेटे हुए बड़े भाई 48 वर्षीय रोशनलाल को नहीं बचा पाई। बुधवार को आंखों के सामने भाई ने दम तोड़ दिया। एडवोकेट नरेंद्र यहां उपचाराधीन होने के कारण भाई के अंतिम संस्कार में भी नहीं जा पाए। इसी तरह बुधवार को ही सोहांसड़ा की दयाकौर को भी नहीं बच पाई। मंगलवार को एक अन्य वृद्धा की भी मौत हो गई थी।

एसएमओ डा. गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी टीम से उपचार पाकर यहां भर्ती मरीजों में से चार मरीजों ने कोरोना को हराया है। हालांकि वे तीन मरीजों को बचा नहीं पाए। राजस्थान के पिलानी में बेड नहीं मिल पाने के कारण वीरवार को राजस्थान का यह मरीज लोहारू सीएचसी में भर्ती हुआ।