जागरण संवाददाता, भिवानी : मानूसन के चलते बारिश के पानी का संचय करने के लिए जिला में जल शक्ति अभियान के तहत 100 से अधिक गांवों में तालाबों की खुदाई की जा रही है। इसी प्रकार से शाकपिट गड्ढे बनाए जा रहे हैं ताकि पानी की बर्बादी न हो। उल्लेखनीय है कि बारिश के पानी का संचय करने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर देशभर में जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत जल संग्रह के सभी प्रकार के स्त्रोत का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसमें तालाबों की खुदाई की जा रही है। खुदाई से तालाबों में पानी की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसी प्रकार से खेतों में नालों की सफाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर पौधारोपण किया जा रहा है।

जल शक्ति अभियान के तहत जिला भिवानी में 100 से अधिक तालाबों की खुदाई का कार्य किया जा रहा है, ताकि उनमें पहले से अधिक मात्रा में पानी एकत्रित हो सके। इसी प्रकार से प्रत्येक गांव में गड्ढों का निर्माण किया जा रहा है ताकि गलियों में पानी की बर्बादी न हो। जिले में सात लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें युवा वर्ग के साथ-साथ सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा गया है। इस कार्य में सभी सरकारी विभाग भी शामिल हैं। इस बारे में सीईओ जिला परिषद कुशल कटारिया ने बताया कि उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य के मार्गदर्शन में जिला में जल शक्ति अभियान के तहत विभिन्न कार्य करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक इंसान को जागरूक किया जा रहा है कि बारिश के पानी की एक बूंद बर्बाद न हो। छतों के पानी का भी संचय किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के संचय से ही भूमिगत जल का स्तर ऊपर आएगा, जो सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि अनेक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर भूमिगत जल नीचे जा चुका है।

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