जागरण संवाददाता,भिवानी : उच्चतर शिक्षा विभाग की ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के फेर ने विद्यार्थियों को उलझा दिया है। विद्यार्थी दाखिले से वंचित रहने की कगार पर पहुंच गए हैं। ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के चलते विद्यार्थी मनमानी लूट का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने दाखिला लेने की सबसे बड़ी समस्या बन गई है।

उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के कॉलेजों में दाखिले के लिए इस बार पूर्णतया ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की थी। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों के सामने पांच कॉलेजों को चुनने का विकल्प रखा गया था। वहीं अलग-अलग विषय भी चुनने का कॉलम आनलाइन आवेदन के अंदर ही दिया गया था। ऐसे में विद्यार्थियों ने ऑनलाइन के चक्कर में कैफे या आनलाइन फार्म भरने वालों के भरोसे आवेदन किए। स्थिति यह हुई कि कुछ विद्यार्थियों को यहां तक पूर्ण जानकारी नहीं कि उसने कौन से कॉलेज व विषय भरे हैं। साफ्टवेयर ने कई विद्यार्थियों का कट आफ लिस्ट में नाम तक नहीं लिया।

ऑनलाइन फार्म के नाम पर विद्यार्थियों से 100 से 150 रुपये प्रत्येक कॉलेज में आवेदन के नाम पर वसूले गए। हालांकि कॉलेजों में 20-20 रुपये में आनलाइन फार्म भरे जा रहे थे। विद्यार्थी द्वारा जिन पांच कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन किया उनमें से विद्यार्थी का नाम किसी एक कॉलेज की कट आफ लिस्ट में आया। इसके बाद दूसरे कॉलेज की कट आफ लिस्ट से विद्यार्थी को वंचित रखा गया। जबकि विद्यार्थी से दूसरे कॉलेज में आवेदन के नाम पर अलग-अलग रुपये वसूले गए। ये बोले विद्यार्थी

70.2 फीसद अंक हासिल करने वाले छात्र दीपक ने बताया कि उसने पांच कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन किया था। लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा मेरिट सूची में उसका नाम हीं नहीं दर्शाया। जबकि उससे कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है।

92 फीसद अंक हासिल करने वाली पुष्पा ने कहा कि उसने कॉलेज में दाखिले के लिए आनलाइन आवेदन किया था। लेकिन उसका कटऑफ लिस्ट में नाम नहीं आया। कॉलेजों के चक्कर काट रही हैं। कॉलेजों में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

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विद्यार्थियों द्वारा भरे गए फार्म के अनुसार उनका किसी न किसी कॉलेज की कटऑफ में नाम आया है। जिन विद्यार्थियों का अच्छे अंक आते हुए भी दाखिला नहीं हुआ वे 16 को फिजिकल काउंसिलिग में भाग लेकर दाखिला ले सकते हैं। पिछली दफा आवेदन किए सभी कॉलेजों की कटऑफ में विद्यार्थियों का नाम था। इससे काफी सीटें रिक्त रहीं और कम अंक वाले विद्यार्थियों को मौका नहीं मिला।

मोनिका जांगड़ा, प्रधान

राजीव गांधी महिला महाविद्यालय, भिवानी। ----------------------

उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी कटऑफ लिस्ट से दाखिले किए गए। कई संकायों में कटऑफ लिस्ट जारी न करने से विद्यार्थियों को परेशानी हुई। अब फिजिकल काउंसिलिग के माध्यम से दाखिले किए जाएंगे।

माया यादव, प्रिसिपल

आदर्श महिला महाविद्यालय,भिवानी।

Posted By: Jagran