संवाद सहयोगी, बाढ़ड़ा : लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ में आंदोलनरत प्रदेश के एक्सटेंशन प्राध्यापकों पर लाठीचार्ज व खरखौदा के राजकीय कालेज में प्रोफेसर पर दिनदहाड़े हमला कर मौत के घाट उतारने की घटना के विरोध में कस्बे के राजकीय कन्या कालेज में एक्सटेंशन प्राध्यापकों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। प्राध्यापकों ने बृहस्पतिवार को सामूहिक अवकाश लिया। प्राध्यापकों ने कहा कि सरकार की ज्यादती को सहन नहीं किया जाएगा। राजकीय कन्या कालेज में कार्यरत दस एक्सटेंशन प्राध्यापकों ने प्राचार्या को सामूहिक अवकाश पर रहने का प्रार्थना पत्र देकर सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के एक्सटेंशन प्राध्यापक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार हर बार झूठे आश्वासन देती है। एक दिन पूर्व चंडीगढ़ में शांतिप्रिय ढंग से अपनी मांगों को उठाने वाले हजारों पुरुष व महिला प्राध्यापकों पर पानी की बौछारें व लाठीचार्ज करना सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। प्रदेश में आज किसी वर्ग की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आए दिन किसी न किसी शिक्षक के साथ या संस्था में आपराधिक वारदातें घटित हो रही हैं। खरखौदा कॉलेज में प्रोफेसर को गोलियों से भून दिया गया वह बड़ी ¨नदनीय और ¨चतनीय घटना है। सरकार कॉलेजों में सुरक्षा के सभी प्रबंध पुख्ता करे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में लाठीचार्ज मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए, सहायक प्राध्यापकों की सभी लंबित मांगे पूरी की जाएं और लिक हत्याकांड के दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। प्राध्यापक पूनम देवी, गरिमा, आनंद कुमार, प्रियंका, मनीषा लाठर, कमलेश, संजय कुमार, तसवीर ¨सह, उषा देवी, रितू इत्यादि भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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