जागरण संवाददाता, भिवानी : प्रदेश सरकार लगातार राजपूतों की अनदेखी करती आ रही है। इसे राजपूत समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। यह बात अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की प्रदेश स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि राजपूत देश की आजादी के समय से ही जनसंघ व भाजपा के साथ रहा है। देश को संगठित करने में उसका योगदान रहा है और उसका परंपरागत वोट बैंक रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में क्षत्रिय समाज की 12 प्रतिशत आबादी है। प्रदेश के गठन के उपरान्त आज तक किसी राजपूत को राज्यसभा में नहीं भेजा गया है। विधानसभा सभा में भी हमारी 12 सीटों की दावेदारी बनती है, परन्तु हर बार उपेक्षा की जाती रही है। राजपूत बाहुल्य सीट आरक्षित चली आ रही हैं। इन क्षेत्रों को सामान्य सीट करने के लिए सीमांकन आयोग को सामान्य सीट करने की सिफारिश की जाए।

सैनिक प्रकोष्ठ हरियाणा के अध्यक्ष कर्नल संतपाल राघव व राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष शरमेश चौहान ने भी केंद्र व राज्य सरकार से सैनिकों व महिलाओं को सरकार में समुचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की। बैठक में महिला प्रदेशध्यक्ष राजबाला, सुमन चौहान, नेत्र पाल सिंह, पीताम्बर सिंह, खुशी राम चौहान आदि ने भाग लिया।

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