जागरण संवाददाता, भिवानी : दो माह की छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान ने पहले अपनी पत्नी पर कहर ढहाया। दो माह की छुट्टी खत्म होने पर जाते हुए वह अपनी मां, भाभी व भाई के साथ मिलकर अपनी पत्नी को एक कमरे में बंद कर चला गया। महिला का आरोप है कि उसकी सास, देवर व देवरानी ने उसे दस दिन तक रोटी तक नही दी और बेरहमी से मारपीट कर उससे एक झूठा नोट तक लिखवा लिया। महिला का आरोप है कि उसके दोनों बच्चों को भी डरा धमका कर उसके खिलाफ किया हुआ है। पीड़ित को उसके मायके वालों ने अब हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया है। पीड़िता का आरोप है कि हांसी थाने में तैनात उसके पति के एएसआइ मामा के दबाव में पुलिस कड़ी कार्रवाई तक नही कर रही है। जैन चौक पुलिस ने महिला के बयान पर केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोप है कि महिला के बयान को गोलमोल कर आरोपित पक्ष का बचाव किया गया है।

बरवाला निवासी ममता ने बताया कि उसकी शादी करीब 11 साल पहले ढाणा रोड गली नंबर 12 आनंद नगर निवासी प्रवीण के साथ हुई थी। उसका कहना है कि उसका पति सीआरपीएफ में तैनात है। उससे उसके दो बच्चे है। शुरू से ही उसे दहेज मांग को लेकर तंग किया जाता है। दो माह पहले उसका पति प्रवीण छुट्टी आया हुआ था। उसने इस दौरान उसे बुरी तरह से प्रताड़ित किया। उसे रोजाना बुरी तरह से पीटता। जाने से दस दिन पहले उसे बुरी तरह से पीटा और अपनी मां, भाई व छोटे भाई की पत्नी के साथ मिलकर कमरे के अंदर बंद कर दिया। उसे कमरे में बंद कर भूखा रखा जाता और बेरहमी से मारपीट की जाती। उसे करीब दस दिन तक खाना तक नही दिया गया, जिससे उसकी हालत बुरी तरह से बिगड़ गई। मारपीट कर लिखवा लिया नोट

महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मारपीट कर जबरन उसके हाथ से एक नोट लिखवा लिया है। उसमें उक्त लोगों ने लिखवाया कि मैं मर जाती हूं तो मेरी मौत के जिम्मेदार मेरी मां व भाई होंगे। इस लेटर का डर दिखा कर उसे प्रताड़ित किया गया। वर्जन

पुलिस ने महिला की शिकायत पर उसके पति, सास, देवर व देवरानी के खिलाफ केस दर्ज लिया है। महिला को तंग करने के साथ ही उसके बच्चों को भी उससे दूर रखा जा रहा था। पुलिस द्वारा इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।

गोपालदास, इंचार्ज चौकी जैन चौक भिवानी

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