चरखी दादरी में प्रशासनिक कछुआ चाल का शिकार हुई स्मार्ट रोड परियोजना, 33.5 करोड़ का प्रोजेक्ट एक माह से लटका
चरखी दादरी में 4.1 किमी स्मार्ट रोड परियोजना, जिसकी लागत 33.5 करोड़ रुपये है, को मुख्यालय से प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है।
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चरखी दादरी स्मार्ट रोड परियोजना का 33.5 करोड़ का प्रोजेक्ट एक माह से लटका।
HighLights
चरखी दादरी में 4.1 किमी स्मार्ट रोड परियोजना प्रस्तावित
33.5 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक सड़कें
मुख्यालय से प्रशासनिक स्वीकृति का एक माह से इंतजार
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी: शहरवासियों का स्मार्ट सड़कों की सौगात मिलने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। करीब एक माह पहले नगर परिषद की ओर से मुख्यालय भेजी गई फाइल को अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
इसके बाद ही साढ़े 33 करोड़ की परियोजना पर काम आगे बढ़ पाएगा। करीब 4.1 किलोमीटर लंबाई में शहर के अंदर स्मार्ट सड़कें बनाई जाएंगी।
बता दें कि विधायक सुनील सांगवान की संस्तुति पर नगर परिषद की ओर से स्मार्ट रोड परियोजना तैयार की गई है, लेकिन शहर को आधुनिक रूप देने के लिए तैयार की गई स्मार्ट रोड परियोजना प्रशासनिक कछुआ चाल का शिकार हो गई है।
नगर परिषद द्वारा परियोजना की विस्तृत फाइल मुख्यालय भेजे एक महीना बीत चुका है, लेकिन उच्च अधिकारियों से अभी तक इसे हरी झंडी नहीं मिल पाई है। साढ़े 33 रोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 4.1 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की फाइल फाइलों के अंबार में दबी हुई है, जिसके कारण शहर के विकास कार्य अटके पड़े हैं।
स्थानीय अधिकारियों की मानें तो इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के इंतजार है और इसके तुरंत बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल, नगर परिषद ने जुलाई के अंत में इस परियोजना की फाइल स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजी थी। उस दौरान उम्मीद थी कि इसे जल्द प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है।
दूसरी ओर, प्रशासनिक स्वीकृति के बाद ही इस फाइल पर काम आगे बढ़ सकेगा और परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ही शहरवासियों को इसका लाभ मिल पाएगा।
आर्किटेक्ट ने तैयार की है आधुनिक ड्राइंग
चरखी दादरी शहर के मुख्यमार्गों को नया और भव्य स्वरूप देने के लिए एक विशेष आर्किटेक्ट से इसकी ड्राइंग और डिजाइन तैयार कराया गया है। इस ड्राइंग में सड़क की चौड़ाई, डिवाइडर, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम को शामिल किया गया है।
नगर परिषद ने सभी तकनीकी पहलुओं को जांचने के बाद करीब एक महीने पहले प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइल स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय (पंचकूला) भेजी थी। उम्मीद थी कि 10 से 15 दिनों में मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी फाइल मुख्यालय से वापस नहीं लौटी है।
शहर को जाम और जलभराव से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में चरखी दादरी के मुख्य रास्तों पर जलभराव और जाम की समस्या आम है। इस 4.1 किलोमीटर लंबे स्मार्ट रोड के बनने से शहर की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।
परियोजना के तहत सड़क के साथ आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाना है, जिससे मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से हमेशा के लिए राहत मिलेगी। इसके अलावा, पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और सड़कों पर आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी इस प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा है।
टेंडर प्रक्रिया में होगी देरी, बढ़ेगी जनता की परेशानी
नियमों के मुताबिक, जब तक मुख्यालय से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक नगर परिषद इस परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित नहीं कर सकती।
एक महीना पहले ही बीत चुका है और यदि मंजूरी मिलने में कुछ सप्ताह और लग गए, तो टेंडर जारी होने, अलाट होने और वास्तविक काम शुरू होने में महीनों का समय लग सकता है। इसका सीधा असर दादरी की जनता पर पड़ेगा, जो लंबे समय से इस परियोजना के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रही है।
चेयरमैन का दावा: जल्द मिलेगी मंजूरी
इस मामले में जब नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर कागजी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
मुख्यालय में फाइल पर प्रोसेस चल रहा है। उच्च अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क साधा जा रहा है और उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक हरी झंडी मिल जाएगी। मंजूरी मिलते ही बिना किसी देरी के टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
