जागरण संवाददाता, भिवानी:

जगसुमी प्रास्पेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रदीप कुमार चौहान ने कहा कि दी केबल टेलीविजन नेटवर्क(रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट 2011 के सेक्शन 4-बी राइट ऑफ वे फॉर केबल ऑपरेटर्स के तहत केबल ऑपरेटर किसी भी पोल या किसी भी सार्वजनिक प्रॉपर्टी का जनहित में इस्तेमाल कर सकते हैं। जो तारें फिलहाल खंभों पर लगी हुई हैं वो पूरी तरह से वैध हैं अवैध नहीं। इस संबंध में 9 दिसम्बर 2013 को निगम महाप्रबंधक (एसई) को भी अवगत कराया जा चुका है। कम्पनी के डॉयरेक्टर प्रदीप कुमार चौहान ने बताया कि शहर में केबल नेटवर्क लोगों के मनोरंजन और रियायती दरों पर सेटटॉप बॉक्स के जरिए सभी चैनलों को आसानी से उपलब्ध कराने के मकसद से चलाया जा रहा है। इसमें उन सभी नियमों एवं हिदायतों का पालन किया जा रहा है। जो भारत सरकार द्वारा समय समय पर जारी की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के मनोरंजन में किसी तरह का कोई भी खलल पहुंचाना उन उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी हनन है जो वो निर्धारित शुल्क देकर इनका लाभ उठा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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