भिवानी नगर परिषद में वाइस चेयरमैन और क्लर्क के बीच विवाद, मारपीट के बाद अस्पताल पहुंचा क्लर्क
भिवानी नगर परिषद कार्यालय में वाइस चेयरमैन संदीप बंटी और क्लर्क अंकित के बीच मारपीट हुई।

भिवानी नगर परिषद में वाइस चेयरमैन और क्लर्क के बीच विवाद (सोशल मीडिया फोटो)
HighLights
भिवानी नगर परिषद में वाइस चेयरमैन-क्लर्क के बीच झगड़ा
क्लर्क अंकित को मारपीट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं
जागरण संवाददाता, भिवानी। नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार दोपहर को वाइस चेयरमैन संदीप बंटी और क्लर्क अंकित के बीच झगड़ा हो गया। वाइस चेयरमैन संदीप बंटी पर क्लर्क अंकित से मारपीट करने के आरोप है।
मारपीट के बाद क्लर्क अंकित को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं वाइस चेयरमैन ने पार्षदों के साथ थाने पहुंचकर आरोपित क्लर्क पर कार्रवाई की मांग की। क्लर्क पर काम नहीं करने और काम के बदले रुपये मांगने के आरोप लगाए। वहीं क्लर्क ने आरोपों को नकारते हुए मारपीटकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
भिवानी नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को दोपहर को झगड़ा हुआ। वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि और नगर परिषद के क्लर्क के बीच विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची।
घटना के बाद वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि संदीप और अन्य पार्षद सिटी थाना पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की। वहीं, नगर परिषद के क्लर्क अंकित को उपचार के लिए भिवानी के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
वाइस चेयरपर्सन प्रतिनिधि संदीप ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति पिछले करीब एक महीने से अपनी प्रोपर्टी से जुड़े काम को लेकर उनके पास आ रहा था। कर्मचारी के पास आवेदन और एफिडेविट पहले ही पहुंच चुका था, लेकिन काम नहीं हुआ। संदीप ने कर्मचारियों पर पैसे लेकर काम करने के आरोप भी लगाए। वार्ड नंबर 29 के पार्षद सुदामा सिंह तंवर ने आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित कर्मचारी को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया।
200 रुपये लेने का भी आरोप लगा
उन्होंने एक फाइल निकालने के लिए 200 रुपये लेने का भी आरोप लगाया। पार्षद ने कहा कि उन्होंने कर्मचारियों से बिना पैसे के जनता के काम करने की बात कही थी। आकाश ने आरोप लगाया कि उन्होंने विकास नगर स्थित अपनी संपत्ति के ट्रांसफर के लिए 24 नवंबर 2025 को नगर परिषद में फाइल जमा करवाई थी। आकाश का आरोप है कि काम के बदले उनसे पैसों की मांग की गई और कई चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हुआ।
वहीं नगर परिषद के क्लर्क अंकित ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। अंकित ने कहा कि प्रोपर्टी ट्रांसफर के लिए जरूरी वैध दस्तावेज और ट्रांसफर लेटर के बिना नियमों के विपरीत फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें टैक्स ब्रांच से बुलाकर वाइस चेयरमैन के पास ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई, दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
क्लर्क ने आकाश नामक व्यक्ति द्वारा लगाए गए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों को भी गलत बताया है और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मारपीट का मामला संज्ञान में आया है मगर किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में अनुशासनहीनता या नगर परिषद की छवि खराब करने की बात सामने आती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद
