जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

पंचकूला में सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों पर की गई लाठीचार्ज की ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। लाठीचार्ज के विरोध में यूनियन ने बुधवार को दमन विरोधी दिवस मनाने का निर्णय निया है।

यूनियन राज्य सचिव बंसीलाल, सर्कल सचिव रवींद्र दलाल, ब्लॉक प्रधान बिजेंद सैनी, यूनिट प्रधान दलबीर हुड्डा ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ के सोमवार को पंचकूला विधानसभा घेराव के दौरान हरियाणा सरकार द्वारा कर्मचारियों की मागों का समाधान करने के बजाय उनके ऊपर जो लाठीचार्ज, आसू गैस, वाटर कैनन चलाए गए यह सरकार की तानाशाही को दर्शाता है।

चुनाव से पहले कर्मचारियों से काफी बड़े वायदे किए थे। अब कर्मचारी अपनी जायज मागों के लिए आदोलन कर रहे हैं तो प्रदेश सरकार बर्बरतापूर्वक पूर्ण तरीके से कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहती है लेकिन कर्मचारी किसी भी सूरत में अपने हकों की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेगे। सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। कर्मचारियों ने फैसला किया है कि सरकार के इस कड़े आदोलन के बाद लाठीचार्ज और तानाशाही रवैया के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ के आगामी आदोलनों में प्रत्येक बिजली कर्मचारी हिस्सा लेगा और सरकार की दमनात्मक कार्यवाही का विरोध करेगा। सरकार तुरंत प्रभाव से कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करें और कर्मचारियों की जायज मागों का समाधान करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के सवालों का जवाब देने और अन्य मागों का बातचीत से समाधान करने की बजाय पुलिस से निहत्थे कर्मचारियों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करवा दिया। लाठीचार्ज से पहले पुलिस ने कर्मचारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया और आसू गैस व र्मचारियों पर लाठीचार्ज चंडीगढ़ व हरियाणा पुलिस ने मिलकर किया। महिलाओं को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। लाठीचार्ज में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी घायल हो गए। इस बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के खिलाफ 12 सितंबर को दमन विरोधी दिवस को मनाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत झज्जर जिले मे ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन का सदस्य सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदर्शन मे शामिल होगा। आदोलन की अगली कड़ी में 18 सितंबर को सभी जिलों में एस्मा के तहत रोडवेज व स्वास्थ विभाग के हड़ताली कर्मचारियों की सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्रवाई व हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की माग को लेकर जेल भरो आदोलन किया जाएगा। विधानसभा कूच के निर्णय के तहत 15 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी।

Posted By: Jagran