जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

ऑनलाइन ठगी करने वाले बदमाश अब नए-नए जाल बिछा रहे है। ताजा घटना में बहादुरगढ़ का एक शख्स ऐसे ही जाल में फंसकर 40 हजार गंवा बैठा। ऑनलाइन बिक्री साइट पर एक मोबाइल फोन खरीदने की कोशिश में यह हुआ। जिसने ठगी की, उसने खुद को सैनिक बताकर यह जाल बुना था। इतना ही नहीं वाट्सएप पर सैनिक वर्दी में फर्जी फोटो तक डाला। जब तक भुगतभोगी को पूरा मामला समझ में आया, तब तक देर हो चुकी थी। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जाच शुरू कर दी है।

बहादुरगढ़ की रेलवे लाइन पार कालोनी का रहने वाला नवीन कुमार प्राइवेट नौकरी करता है। उसने 6 सितंबर को एक ऑनलाइन कंपनी की साइट पर एक मोबाइल फोन देखा। संबंधित नंबर पर बात हुई तो मोबाइल बिक्री करने वाले ने खुद का नाम जयकिशन बताया। उसने नवीन को बताया कि वह सेना में है और इस समय पंजाब के लुधियाना कैंप में तैनात है। उसने फोन 9 हजार में बेचने की पेशकश की। इस फोन की कीमत फिलहाल 17 हजार है। नवीन को यकीन हो गया। उसने अपना वाट्सएप नंबर दिया। उधर से नवीन के पास एक फोटो, आइडी, बैंक खाता नंबर समेत कई तरह के फोटो आ गए। एक फोटो में सैनिक वर्दी में दो शख्स दिख रहे है, जो सेल्फी का है। एक की वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर जयकिशन नाम दिख रहा है। यह देख नवीन को यकीन हो गया कि वह सच में सेना में है और उसका नाम जयकिशन है। फोन बेचने की एवज में उसने 9 हजार रुपये पेटीएम से भेजने के लिए कहा। नवीन ने बैंक खाता मागा। इस पर उसने पीएनबी का खाता नंबर भेज दिया। मगर यह किसी नासिर हुसैन के नाम पर था। फोन उसने कोरियर से फोन भेजने की बात कही। नवीन ने उसके द्वारा भेजे गए खाते में 4500-4500 करके पेटीएम से पैसे भेज दिए। शाम को 7 बजे एक नंबर से फोन आया।

उसने बताया कि वह कोरियर लेकर आया है और सराय औरगाबाद में खड़ा है। यह गाव सेक्टर-2 के नजदीक है। नवीन ने अपना पता दिया तो उसने बताया कि कोरियर पर भेजने वाले ने लोन ले रखा है। इसकी एवज में उसने 10,060 रुपये पेटीएम से भेजने को कहा। यहा भी नवीन कुछ नहीं समझ पाया। कोरियर का बहाना बनाने वाले ने कहा कि वह डिलीवरी के समय यह पैसा उसे कैश के रूप में वापस लौटा देगा। कुछ देर बाद नवीन के पास फिर से फोन आया। उसने नवीन को बताया कि 10,060 नहीं बल्कि 10,007 भेजने है। नवीन समझा कि उसके पास पैसे नहीं गए है। इस पर उसने दोबारा से 10,007 रुपये भेज दिए। इसके बाद फिर से फोन आया। नवीन को उसने बताया कि उसके पास पैसे नहीं आए है। एक बार न करके दो बार में पैसे भेज देना। नवीन ने फिर से एक बार 5,007 रुपये और दूसरी बार 5,000 रुपये भेज दिए। कुल मिलाकर नवीन करीब 40 हजार रुपये जब भेज चुका था। तब उसने कोरियर के लिए सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन पर आने को कहा। फोन करने वाले ने उससे 20 हजार रुपये और मागे, तब नवीन समझा और सीधे थाने पहुचा। बैंक खाते में मिले 282 रुपये :

नवीन ने बताया कि मोबाइल बेचने के नाम पर ठगी करने वाले ने जो भी आइडी, फोटो और अन्य दस्तावेज की फोटो भेजी, वे सभी उसकी नही है। उसने पेटीएम पर शिकायत की तो वहा से पता चला कि ठग ने अपने पेटीएम वॉलेट से पैसे निकाल लिए है। आगे की कार्रवाई के लिए नवीन से एफआइआर नंबर मागा गया। इस बीच नवीन ने उस शख्स के बैंक खाता नंबर का पता लगाया। पड़ताल में उसका खाता राजस्थान के भरतपुर जिले के एक गाव में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में मिला। उसमें फिलहाल 282 रुपये बैलेंस मिला। हालाकि इसमें कितनी ट्राजक्शन हुई है, इस बारे में बैंक द्वारा जानकारी नहीं दी गई। नवीन ने बताया कि साइट पर मोबाइल डालने वाले से दो बार बात हुई थी। पहली बार में ही पैसे भेज दिए थे। मगर उसने कुछ नहीं भेजा तो थाने पहुचकर शिकायत की। पुलिस ने भी संबंधित नंबर पर बात की, तो उसने अगले दिन 10 बजे फोन भेजने की बात कही। मगर साइट पर फिर से उसने वही फोन बेचने के लिए डाल दिया। इस बार उसमें काटेक्ट नंबर दूसरा लिखा गया था। यह देखकर भी वह नहीं समझा और पैसे गंवाता चला गया। वर्जन..

शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जाच की जा रही है। इस तरह के मामलों में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। पूरी जाच पड़ताल के बाद ही पैसे भेजने चाहिए।

--अमित कुमार, लाइन पार थाना प्रभारी, बहादुरगढ़।

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