जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गत 26 सितंबर की रात को लिए गए चार फैक्टरियों के सैंपल में से तीन के सैंपल फेल पाए गए हैं। तीनों फैक्टरियों की ओर से धुआं छोड़कर वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा था। इनमें से दो फैक्टरियों में तो कूड़ा-कचरा जलाया जा रहा था। इसके अलावा एक फैक्टरी का एफलुएंट का भी सैंपल लिया गया था जो पास पाया गया है। जिन फैक्टरियों के सैंपल फेल पाए गए हैं उनके खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सीलिग की कार्रवाई की जाएगी और उन पर भारी-भरकम पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदूषण फैलाने के आरोप में पिछले दिनों भी दो फैक्टरियों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के रूप में 12.75 लाख रुपये की राशि वसूली गई थी।

दीवाली पर फैलने वाले स्मॉग की स्थिति से निपटने के लिए एनजीटी व ईपीसीए के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गत 26 सितंबर की रात को प्रदूषण फैलाने वाली चार फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इनमें चार में से दो फैक्टरियों में प्रमाणित फ्यूल की बजाय कूड़ा-कर्कट जलाया जा रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एसडीओ रणबीर राठी व शशिभूषण की टीम ने सनराइज डाइंग फैक्टरी, खुशबू डाई यूनिट व शिव प्रोसेस डाई यूनिट समेत चार फैक्टरियों से सैंपल लिए थे। इनमें से तीन फैक्टरियों के धुएं के सैंपल फेल पाए गए हैं। वर्जन..

दीवाली पर स्मॉग की स्थिति से निपटने के लिए प्रदूषण फैलाने वाली चार फैक्टरियों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से तीन फैक्टरियों के धुएं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इन फैक्टरियों को सीलिग करने और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।

-----कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।

Posted By: Jagran

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