जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : जनता क‌र्फ्यू की वजह से 22 मार्च को बंद हुई बहादुरगढ़ की इंडस्ट्री में विकास का पहिया भले ही दौड़ने लगा हो लेकिन इस पहिये ने गति अब तक नहीं पकड़ी है। यहां पर 2816 फैक्ट्रियां चालू हो गई हैं। सौ फीसद कर्मचारियों के साथ तीन शिफ्टों में काम करने की अनुमति भी मिल गई है। लेकिन सभी फैक्ट्रियों में अभी भी मात्र 30 फीसद कर्मचारी ही काम पर लौटे हैं।

एक लाख 57 हजार कर्मचारियों को काम करने की अनुमति जिला उद्योग केंद्र ने दी है। मगर यहां पर सभी फैक्ट्रियों में करीब 47 हजार कर्मचारी ही काम पर आ सके हैं। श्रमिकों का पलायन होने और दिल्ली, राजस्थान, यूपी से कर्मचारियों की आवाजाही न होने की वजह से क्षेत्र की सभी फैक्ट्रियों में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। दूसरा पहलू बाजार का भी है। पूरे देश में बाजार न खुल पाने की वजह से भी समस्या बनी हुई है। फुटवियर इंडस्ट्री में अब तक शुरू नहीं हो पाया उत्पादन

बहादुरगढ़ में करीब 20 हजार फुटवियर इंडस्ट्री हैं। सबसे ज्यादा कर्मचारी इसी इंडस्ट्री में काम करते हैं। एक-एक फैक्ट्री में 500 से लेकर एक हजार तक भी कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारियों की कमी सबसे ज्यादा इसी इंडस्ट्री को खल रही है। यही कारण है कि अब तक फुटवियर इंडस्ट्री का पहिया ठीक से नहीं चल पाया है। यहां की कुछ इंडस्ट्री ने चप्पल बनानी तो शुरू कर दी हैं लेकिन जूते की फैक्ट्रियां अभी ठीक से चालू नहीं हो सकी हैं। काफी फैक्ट्रियों में पुराना माल भी स्टॉक में पड़ा हुआ है। इसीलिए ये इंडस्ट्री फिलहाल बाजार खुलने का इंतजार कर रही हैं, ताकि स्टॉक में रखे तैयार माल की बिक्री की जा सके।

अमूमन फैक्ट्रियों के पास सिर्फ 30 फीसद कर्मचारी ही काम करने के लिए मिल रहे हैं। करीब 70 फीसद कुशल व अकुशल श्रमिकों की कमी है। दिल्ली से कर्मचारियों के आवागमन पर रोक लगने की वजह से भी फैक्ट्रियों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं।

- नरेंद्र छिकारा, वरिष्ठ उपप्रधान, बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन।

सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए औद्योगिक इकाइयों को चालू करने की अनुमति तो दी लेकिन दिल्ली से कर्मचारियों के आवागमन पर अब तक रोक लगा रखी है। ऐसे में ना तो कर्मचारी मिल रहे हैं और न ही आर्डर व कच्चा माल। ऐसी स्थिति में औद्योगिक इकाइयां कैसे उत्पादन शुरू कर पाएंगी।

-राजकुमार गुप्ता, प्रधान, बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन 2816 फैक्ट्रियों को चलाने की अनुमति दे दी गई है। इनमें एक लाख 57 हजार कर्मचारियों के काम करने की अनुमति दी गई है। फिलहाल श्रमिकों की कमी है। करीब 30 फीसद कर्मचारी ही काम पर लौटे हैं। इसी कारण कुछ फैक्ट्रियों में अभी उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। जल्द ही यहां पर सभी फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

-संजीत कौर, संयुक्त निदेशक, जिला उद्योग केंद्र।

Posted By: Jagran

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