जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : उत्तर प्रदेश के नोएडा में पकड़े गए भ्रूण लिग जांच के मामले में आरोपित डाक्टर की अभी गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी और इधर, बहादुरगढ़ में शुक्रवार को भ्रूण लिग जांच का एक और नया मामला पकड़ में आया। झज्जर व गुरुग्राम के स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने यहां एक दलाल को काबू कर लिया। वह विभाग द्वारा बनावटी ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला की जांच कराने के लिए उसे लेकर आया था। जहां पर अल्ट्रासाउंड हुआ, वहां की महिला डाक्टर ने मामले से पल्ला झाड़ लिया, मगर शाम तक टीम यहां पर जांच में जुटी रही। फिलहाल दलाल को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने एक और शख्स के नाम का खुलासा किया है, वह अभी फरार है।

पकड़े गए दलाल का नाम राजेश है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के गांव सराय मकर कोला का रहने वाला है और बहादुरगढ़ में टीकरी बार्डर के पास रहता है। उसके बारे में सूचना के बाद ही गुरुग्राम की टीम ने एक गर्भवती महिला को बनावटी ग्राहक बनाया और राजेश से मिलवाया। टीम ने महिला को खास नंबर के नोटों के रूप में 35 हजार रुपये दिए थे। इधर राजेश ने 25 हजार की डिमांड की थी। महिला ने उसे पैसे दे दिए थे। वह महिला को लेकर बहादुरगढ़ के लाल चौक के पास स्थित डा. प्रिया सोलंकी अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर आया था। यहां पर राजेश ने रसीद कटवाई । महिला का अल्ट्रासाउंड हुआ, मगर राजेश ने इसकी रिपोर्ट बाद में सुरेंद्र से मिलने की बात कही। अब यह सुरेंद्र कौन है और क्या करता है, इसके बारे में पूरा खुलासा उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। महिला डाक्टर ने पल्ला झाड़ा, मगर विभाग की जांच जारी

गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड टेस्ट करने वाली डा. प्रिया सोलंकी अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर की संचालिका महिला डा. के पास जब टीम पहुंची तो उन्होंने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया। डा. का कहना था कि उनके यहां कोई भी भ्रूण लिग जांच नहीं हुई। जिस गर्भवती महिला की भ्रूण लिग जांच की बात कही जा रही है, उसका सामान्य अल्ट्रासाउंड टेस्ट हुआ था। इसके लिए जो भी जरूरी दस्तावेज होते हैं, वे लिए गए। निर्धारित फीस ली गई, उसकी रसीद भी दी गई। भ्रूण लिग जांच का कोई सवाल ही नहीं उठता। इसके बाद टीम ने यहां पर कई घंटों तक जांच की। शहर थाना पुलिस को बुलाया गया। केंद्र का पूरा रिकॉर्ड खंगाला गया। प्राथमिक रूप से तो दस्तावेज सही मिले, मगर अभी टीम ने महिला डा. को इस बारे में क्लीन चिट नहीं दी है। टीम को अभी इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि आखिरकार दलाल राजेश महिला को लेकर इसी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर क्यों आया और जिस सुरेंद्र नाम के शख्स से बाद में रिपोर्ट मिलने की बात कही गई है, उसका इस केंद्र से क्या कनेक्शन है। इधर बताया गया है कि अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालिका महिला चिकित्सक के पति भी डाक्टर हैं और स्वास्थ्य विभाग में हैं। इस मामले में कार्रवाई करने पहुंची गुरुग्राम की टीम में वहां के पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डा. अनिल गुप्ता, महिला चिकित्सक शिखा जिदल और झज्जर से डा. अचल त्रिपाठी थे। डा. अचल ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए जो दस्तावेज चाहिए, वे केंद्र पर लिए गए। निर्धारित फीस ली गई। बाकी पुलिस इस बारे में पकड़े गए दलाल और उसके साथी से पूछताछ करेगी। अभी स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड करने वाली डाक्टर को क्लीन चिट नहीं दी है। डेढ़ माह पहले भी पकड़ा गया था बहादुरगढ़ का दलाल

डेढ़ माह पहले झज्जर के स्वास्थ्य विभाग ने कुलासी गांव के रहने वाले एक दलाल को काबू किया था। वह गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिग जांच के लिए नोएडा लेकर जाता था। हालांकि उस मामले में आरोपित डाक्टर अभी फरार है। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी पिछले दिनों झज्जर सत्र अदालत से नामंजूर हो गई थी।

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