जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के चलते भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष प्रबंधन संगठन चुनाव में पूरी पारदर्शिता से काम करने में लगा हुआ है। पहले बूथ अध्यक्ष का चुनाव होगा उसके बाद बूथ अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष का चुनाव करेंगे फिर मंडल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। जनवरी माह के पहले पखवाड़े तक जिला अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा, क्योंकि इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का भी चयन किया जाना है।

जिला स्तर पर होने वाले संगठन चुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए दो-दो नेताओं (जिला चुनाव अधिकारी) को जिम्मेदारी दे दी है। दो लोगों का चयन इसलिए किया गया कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप न लगें। सात दिसंबर को रोहतक में सभी जिला अध्यक्षों की बैठक होगी जिसमें संगठन से जुड़े शीर्ष पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बताते हैं कि जिला चुनाव अधिकारियों को पार्टी की रीति-नीति के बारे में गहनता से बताया जाएगा। उन्हें एक तरह से अपनी जिम्मेदारी के बारे में बताया जाएगा। बूथ समिति का गठन कर बूथ अध्यक्ष के बाद मंडल अध्यक्ष को चुनाव होना है जिसके बाद जिला अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगेगी। कई जिला अध्यक्ष जहां दूसरी बार पद पर जमे रहने के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं कई नेताओं की नजर जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर है। दरअसल पार्टी संविधान के मुताबिक यदि चुनाव समिति उनके नाम पर मुहर लगाती है तो जिला अध्यक्ष दो बार लगातार अपने पद पर रह सकता है।

Posted By: Jagran

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