संवाद सहयोगी, मुलाना : मुलाना स्थित शिव शक्ति मंदिर पुरानी अनाज मंडी में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर एक भंडारे का आयोजन किया गया। कमेटी के सदस्यों व ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सुबह से ही भक्तों ने मां सरस्वती के दर्शन कर मन्नतें मांगी। बसंत पंचमी की महत्ता पर बताते मंदिर पुजारी भागवत शास्त्री ने बताया कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी से बसंत ऋतु का आरंभ होता है। फाल्गुन और चैत्र मास बसंत ऋतु के माने गए हैं। फाल्गुन वर्ष का अंतिम मास है और चैत्र पहला। इस प्रकार ¨हदू पंचांग के वर्ष का अंत और प्रारंभ बसंत में ही होता है। इस दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं । बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है। लोग पीला वस्त्र धारण करते हैं वहीं पीला ही खाते हैं। ताकि माता सरस्वती उनकी मन्नतें करें ओर उनकी जिव्हा पर वास करें। इसी प्रकार मुलाना विधानसभा की सीमा के समीपवर्ती गांव कलावड़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती सरस्वती जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

जिसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा को विधि विधान से पूजा अर्चन कर मंत्र उच्चारण से हवन यज्ञ कर स्कूल प्रांगण में बने भव्य मंदिर में स्थापित किया। मां सरस्वती जी की सुंदर प्रतिमा विद्यालय अध्यापक बीडी शर्मा ने भेंट की। इस मौके पर विधायक बलवंत ¨सह , प्रधानाचार्य गुरदयाल ¨सह, विनोद कुमार, कुलदीप, रणवीर, राजीव, नरेंद्र, बलवीर शास्त्री, अंजू चौधरी, उमा शर्मा व ग्रामीण मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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