यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीण लामबंद, हाईकोर्ट के आदेश पर डीसी पहुंचे जायजा लेने
गांव धनौरी में प्रशासन द्वारा निर्माण तोड़ने की कार्रवाई को गलत बताते हुए ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, मुलाना : गांव धनौरी में प्रशासन द्वारा निर्माण तोड़ने की कार्रवाई को गलत बताते हुए ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नियम के खिलाफ जाकर यह कार्रवाई की गई है। इसी पर विवाद बढ़ा तो डीसी विक्रम सिंह गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इसकी जांच कमेटी गठित की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि धनौरी गांव में कब्जे हटाने को लेकर पंचायती राज द्वारा कार्रवाई की गई थी। इस जमीन पर सालों से उनका कब्जा है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। ग्रामीण रविद्र सैनी, मंगत राम, महिद्र, जोगिद्र सिंह, बलविदर कुमार ने बताया कि 30 जुलाई 2018 को बीडीपीओ बराड़ा राजन सिगला की अगुवाई में कार्रवाई की गई थी। धनौरी गांव जिस जगह को गौचरान की जगह बताया जा रहा है, वह लाल डोरे की जगह है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन से कराए गए सर्वे में भी उनकी जगह लाल डोरे में ही आ रही है। इसके बावजूद बीडीपीओ बराड़ा ने उनके पक्के निर्माणों पर जेसीबी चलाकर निर्माणों को गिरा दिया। ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई गलत है। उन्होंने बताया कि उक्त जगह पर उनका पिछले कई सालों से कब्जा है व स्वामित्व योजना के तहत उनकी रजिस्ट्री भी होनी थी। इस मौके पर बीडीपीओ बराड़ा राजन सिगला, एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार व मुलाना थाना प्रभारी मौजूद रहे।
एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार डीसी अंबाला द्वारा धनौरी गांव में मौके पर स्थिति का जायजा लिया गया। शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई है। जल्द ही मामले में कमेटी बनाई जाएगी, जोकि आगामी निर्णय लेगी। समय - 9:49 बजे
फाइल संख्या 10
