बलकार सिंह, बराड़ा : कस्बे को विश्व में ख्याति दिलाने व 5 बार लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने वाला सबसे ऊंचा 210 फुट के रावण का पुतला बराड़ा व पंचकूला की बजाय इस बार चंडीगढ़ की शान बनने जा रहा है। इस अवसर पर दशहरा ग्राउंड में छह दिन तक रंगारंग कार्यक्रमों में विभिन्न कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुति देंगे। उल्लेखनीय है कि 1987 से इसका आयोजन किया जा रहा है।

इसलिए बदलना पड़ा आयोजन स्थल

श्री रामलीला क्लब बराड़ा के प्रधान राणा तेजेंद्र चौहान ने बताया कि सरकार व स्थानीय प्रशासन से सहयोग न मिलने के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। वह कई वर्षो से बराड़ा में दशहरा ग्राउंड की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसके आयोजन में हर बार बाधा पहुंचाने का प्रयास करता है। इसी के चलते उन्होंने 2018 में दशहरा महोत्सव का आयोजन करने से तौबा कर ली। पर पंचकूला के माता मनसा देवी चेरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट ने उन्हें मदद देने की पेशकश की। जिसके चलते उन्होंने पिछले वर्ष पंचकूला में इस कार्यक्रम का आयोजन किया।

बराड़ा में तैयार हुए पुतले के सभी अंग

तेजेंद्र चौहान के मुताबिक इस बार पुतले का दहन चंडीगढ़ में किया जा रहा है, लेकिन इसके सभी अंग बराड़ा में ही तैयार किए गए हैं। पैर, पेट, हाथ, बाजू आदि अंगों का निर्माण कर ट्रकों के माध्यम से चंडीगढ़ भेजा जा चुका है। फाइबर से बनने वाला चेहरा अभी तैयार किया जा रहा है।

धनास में होगा दहन

चौहान ने बताया कि धनास क्षेत्र 5 नंबर कॉलोनी चंडीगढ़ में कार्यक्रम का आयोजन होगा। श्री रामलीला क्लब बराड़ा व शिव पार्वती सेवा दल चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में विजय दशमी के दिन 8 अक्टूबर इस विशालकाय पुतले का दहन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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