जागरण संवाददाता, अंबाला : अंबाला मंडल की कमिश्नर की कोठी में हरे भरे पेड़ों को काटने का मामला तूल पकड़ गया है। डिफेंस इस्टेट आफिसर (डीईओ) विभाग ने भले ही अभी तक जुर्माने की प्रक्रिया आरंभ न की हो लेकिन मामला सीएम विडो तक पहुंच गया है। अंबाला छावनी के बीसी बाजार निवासी सत्यनारायण गुप्ता सीएम विडो पर शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में गुप्ता ने दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित समाचारों का भी हवाला दिया है। इसके बावजूद अभी तक डीईओ कार्यालय के कर्मचारियों ने कटे हुए पेड़ों की गिनती करना जरूरी नहीं समझा। मामला आला अधिकारी की कोठी से जुड़ा होने के कारण सुस्ती की जा रही है। हालांकि जिस समय पेड़ कटाई की जा रही थी, उस समय कमिश्नर अंबाला में नहीं थीं।

कमिश्नर की कोठी में बीते बृहस्पतिवार को हरे पेड़ों की कटाई का काम शुरू हो गया। कटते हुए पेड़ का तना कमिश्नर कोठी के दूसरी ओर सड़क पर गिर गया। वहां से आने जाने वाले लोगों ने हरे पेड़ कटते दिखे, जिनमें से कुछ लोगों ने फोटो खींचे और उसकी वीडियो भी बना ली। डीईओ कार्यालय में सूचना दी गई, तो टीम पिछले गेट से कोठी में पहुंची। इसी बीच मामले को दबाने के लिए भी दबाव बनाया गया। मौके पर पहुंची डीईओ कार्यालय की टीम ने मौके से ही अपने अधिकारियों को पेड़ कटने की सूचना दे दी। बताते हैं कि कई दिनों से पेड़ कटाई का काम चल रहा था। करीब 45 पेड़ काटे जाने की सूचना है, लेकिन अभी तक इन कटे हुए पेड़ों की गिनती ही शुरू नहीं हो पाई है। इस मामले में डीईओ से बात करनी चाही, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

दबाया जा रहा है मामला : गुप्ता

सत्यनारायण गुप्ता ने इस मामले में सीएम विडो पर शिकायत करके मामला दर्ज करवाने की मांग की है। मंगलवार को गुप्ता ने सीएम विडो पर की शिकायत में कहा कि मामला आला अफसर की कोठी से जुड़ा होने के कारण दबाया जा रहा है। एक तरफ सरकार पर्यावरण को बचाने के लिए प्रचार कर रही है, तो दूसरी ओर अफसर की कोठी से ही हरे पेड़ काटकर घोटाला करने में लगे हैं। इस मामले में जो कर्मचारी लिप्त हैं, उन पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। आशंका है कि फाइन कम लगे, इसलिए कटे हुए पेड़ों की गिनती में गड़बड़ी की जा सकती है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सेना को भी इस मामले में हस्तक्षेप करन चाहिए। क्योंकि यह घोटाला सेना क्षेत्र में हुआ है और संबंधित विभाग के समय रहते इस घोटाले को पकड़ न सके थे। जब लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी, तो डीईओ को कार्रवाई करनी पड़ी, लेकिन अब अधिकारी सुस्त हो चुके हैं।

Posted By: Jagran

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