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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नम‍कहराम हत्‍यारा: निवाला देनेवाली की ही उजाड़ी गोद, बच्‍ची की हत्‍या कर उसी के घर खाई रोटी

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Thu, 07 Dec 2017 02:31 PM (IST)

अंबाला के एक गांव में इंसानियत से भरोसा हटाने वाली घटना हुई। बोह गांव में एक व्‍यक्ति ने जिस किशोर ...और पढ़ें

नम‍कहराम हत्‍यारा: निवाला देनेवाली की ही उजाड़ी गोद, बच्‍ची की हत्‍या कर उसी के घर खाई रोटी
नम‍कहराम हत्‍यारा: निवाला देनेवाली की ही उजाड़ी गोद, बच्‍ची की हत्‍या कर उसी के घर खाई रोटी

जेएनएन, अंबाला। यहां छावनी क्षेत्र में बोह गांव में एक नमकहराम हत्‍यारे की घृणित करतूत ने इंसानियत से विश्‍वास डिगा दिया। लखनऊ से आए एक किशोर को जिस घर में पनाह मिली, जिस मां ने रोटियां खिलाईं उसने उसकी ही गोद उजाड़ दी। लड़के ने पहले महिला के हाथ से बनी रोटी खाई और फिर उसकी पांच साल की मासूम बेटी को अगवा कर उसे मार डाला। हद तो यह हो गई कि बच्‍ची की हत्‍या करने के बाद यह दरिंदा उसके घर आया और आराम से उसकी मां के हाथ से खाना खाया। इस युवक का स्‍कूल मेें दाखिला भी बच्‍ची के पिता ने ही कराया था।

लखनऊ के किशोर को कुछ दिन पहले बच्ची के पिता ने दी थी पनाह, कराया था ग्यारहवीं में दाखिला

इस घटना के बारे में जिसने सुना उसकी रूह कांप गई। देर रात शव बरामद कर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची का अपहरण करने से कुछ मिनट पहले ही आरोपी ने उसके घर में रोटी खाई थी। बच्ची को छोड़ने की एवज में उसने बीस लाख रुपये फिरौती भी मांगी थी।

बच्‍ची के शव को ले जाते पुलिसकर्मी।

लखनऊ का रहने वाला है आरोपी

आरोपी गौरव लखनऊ का रहने वाला है और पंद्रह दिन पहले ही अपने जीजा के पास अंबाला आया था।  उसका जीजा बच्ची वैष्णवी के पिता का नौकर है और इन दिनों लखनऊ अपने घर गया हुआ है।

बच्ची के पिता ने कराया था दाखिला

आरोपी गौरव अपने जीजा के पास आता रहता है। करीब बीस दिन पहले वह दोबारा आया तो बच्ची के पिता ने ही यहां के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में उसका दाखिला कराया था। 

दोबारा खाना खाया

आरोपी बेहद शातिर है। बच्ची को अगवा करने से पहले और हत्या करने के बाद उसके घर में खाना खाया। उसने वारदात के बारे में भनक नहीं लगने दिया। बच्‍ची को अगवा करने से पहले उसने उसके घर में ही खाना खाया। उसकी हत्‍या करने के बाद भ् वह आराम से घर आया अौर दूसरी बार भी बच्ची की मां ने उसे खाना खिलाया।

बच्ची वैष्णवी के पिता अमित सूद छावनी में एक फोटोस्टेट मशीन और प्रोजेक्टर इत्यादि का काम करते हैं। उनके छोटे भाई का घर से 40 मीटर की दूरी पर ही जनरल स्टोर है। शाम करीब सवा चार बजे बच्ची दुकान पर अपने चाचा को चाय देने गई और मां मीनाक्षी सूद से कहा कि वह आज दो घंटे लेट दूध पीएगी और उसके बाद दादी के साथ मंदिर में कथा सुनने के बाद वापस घर आएगी। करीब सवा पांच बजे तक बच्ची घर वापस नहीं आई। मां ने बड़ी बहन हर्षिता को ढूंढने के लिए भेजा लेकिन वह नहीं मिली। परिजनों ने आस-पड़ोस में वैष्णवी को तलाशना शुरू कर दिया लेकिन कोई पता नहीं लगा।

बच्‍ची का शव बरामद होेने के बाद लगी भीड़ व जांच करती पुलिस।

फोन पर आई धमकी से होश उड़े

रात 8:14 बजे उनके पड़ोसी पवन आष्ठा को सबसे पहले एक नंबर से मिस कॉल आई। उसके बाद थोड़ी देर में  दोबारा फोन आया तो महज एक मिनट 44 सेकेंड बातचीत हुई। फोन करने वाले ने बच्‍ची को अगवा करने की बात कही। इसके बाद बच्ची की चाची से पड़ोसी के फोन पर ही किडनैपर से 8:16 मिनट पर तीसरी बार फोन आने पर करीब 4 मिनट 10 सेकेंड तक बातचीत हुई।

इसके बाद डर के मारे परिजनों ने थाने में शिकायत दी। पुलिस ने नंबर की कॉल डिटेल निकाली तो वह यूपी में राजेश नाम के व्यक्ति का निकला। फोन करने वाले ने बच्‍ची को अगवा करने की बात कही और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

घर के पास से मिला शव
पुलिस ने जांच शुयु की ताे घर के पास से ही किराये के मकान में बच्ची का शव मिला। आरोपी गौरव ने अपने ही मोबाइल से फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। बच्ची के चिल्लाने पर उसने पहचान उजागर होने के डर से उसे मार डाला। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पैसों के लालच में हत्या करने की बात कबूल की है।

हत्या कर कूलर में छिपाया

बताया जा रहा है कि गौरव ने वैष्णवी को घर में बनी पानी की हौद में डुबाकर मारा और शव को कूलर में छिपा दिया। यही कारण था कि उसके घर की तलाश में पुलिस को एक बार खाली हाथ लौटना पड़ा। 
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इस तरह किडनैपर के बीच हुई बातचीत


किडनैपर: जिस बच्ची को ढूंढ रहे हो वह हमारे पास है, मुझे बच्ची के पापा से बात करवाओ।
पड़ोसी: रुको मैं अभी बात करवाता हूं।
किडनैपर: तुम कौन बोल रहे हो, तुम बच्ची के पापा नहीं हो सकते।
चाचा: मैं बच्ची का पापा बोल रहा हूं, पर तुम कौन हो।
किडनैपर: मुझे बच्ची की दादी से बात करवाओ।
दादी: तुम कौन बोल रहे हो, मैं वेनू की दादी बोल रही हूं।
किडनैपर: मुझे बच्ची की मां से बातचीत करवाओ।
चाची: मैं बच्ची की चाची बोल रही हूं, बताओ तुम कौन हो।
किडनैपर: तुम जहां भी हो वहां सबसे अलग हो जाओ, उसके बाद अकेले छत पर आ जाओ।
चाची: ठीक है, मैं अब छत पर आ गई हूं, बताओ क्या बात है।
किडनैपर: बच्ची हमारे पास है और अगर सही सलामत चाहिए तो 20 लाख रुपये का इंतजाम करो।
चाची: मैं कैसे विश्वास करूं कि बच्ची तुम्हारे पास है, पहले मेरी बात करवाओ।
किडनैपर: तुम बस 20 लाख का इंतजाम करो, उसके बाद बच्ची सही सलामत तुम्हें मिल जाएगी।
चाची: ठीक है, तुम्हें, रुपये कैश चाहिए या चेक से, मैं किस जगह तुम्हें रुपये पहुंचाऊ।
किडनैपर: कल यानि बृहस्पतिवार को मैं दोबारा साढ़े 12 बजे तुम्हें फोन करूंगा और रुपये लेकर आने के लिए जगह बताऊंगा।
चाची: पहले तुम मेरी बच्ची से बात तो करवाओ।
तभी पीछे से कोई महिला चिल्लाई और फोन कट गया।