संवाद सहयोगी, मुलाना: दोसड़का स्थित आइसीएस कोचिग सेंटर में तीन दिनों से कक्षाएं न लगने से गुस्साएं सेंटर छात्रों ने कोचिग सेंटर के बाहर रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। छात्रों ने जब सेंटर मालिकों से बात करनी चाही व उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने 112 पर फोन कर पुलिस को भी मौके पर बुलाया। छात्रों को पता चला कि सेंटर बंद हो गया है। जिसके बाद छात्र अपनी फीस वापसी या सेंटर को फिर से चलाने की मांग पर अडे़ थे। अंत में कोचिग सेंटर मालिक ने पुलिस की मध्यस्थता के बाद लिखित में दो दिन का समय मांगा तब जाकर छात्र शांत हुए व अपने घर गए।

छह से 10 हजार रुपये दी थी फीस, अब बंद की चर्चा

प्रदर्शन कर रहे छात्र सपना थंबड़, निशा दादूपुर, काजल मुलाना, रूपिदर कम्बासी, पुजा अधोया, प्रियंका अधोया, सुदेश थंबड, मनीष अलीपुर,रूपिदर कालपी, साहिद धीन, यश बराड़ा, रजत दौलतपुर, अभिषेक धीन व मनीष धीन सहित अन्य ने बताया कि उन्होंने इस सेंटर में सरकारी नौकरी पाने के लिए कोचिग ज्वाइन की थी। उन्होंने छह से 10 हजार रुपये फीस दी थी। लेकिन अब अचानक तीन दिनों से इन्होंने कक्षाएं लगानी बंद कर दी है। जब बात करनी चाही तो टालमटोल करने लगे । छात्रों ने बताया कि जब वो शुक्रवार को सेंटर पहुंचे तो पता चला कि सेंटर बंद हो गया है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सेंटर ज्वाइन करने के समय हमें सरकारी नौकरी दिलाने की गारंटी तक दी थी। लेकिन अब कक्षाएं तक नहीं लगा रहे। जिसके बाद छात्रों ने एकत्रित होकर हंगामा शुरू कर दिया व फीस वापसी की मांग करने लगे। 120 छात्र ले रहे कोचिग

दोसड़का स्थित आईसीएस कोचिग सेंटर में करीब 120 छात्र छात्राएं सरकारी नौकरी पाने की चाह में कोचिग ले रहे हैं। अब उन्हें अपनी कोचिग की चिता के साथ-साथ अपनी दी हुई फीस की चिता होने लगी है । उन्होंने बताया कि यदि उन्हें फीस वापिस नहीं मिलती तो पढ़ाई के नुकसान के साथ-साथ उन्हें आर्थिक संकट से भी गुजरना पड़ सकता है ।

दोसड़का कोचिग सेंटर में छात्र कम है। मुख्य ब्रांच आईसीएस कोचिग सैंटर को भी हजारों रुपये देने पड़ते हैं। वो भी पूरे नहीं हो रहे है। इसलिए कक्षाएं पीछे से ही बंद हो रही है। हमने दो दिन का समय लिया है। छात्रों की समस्या का हल करने का प्रयास किया जाएगा।

सुरेंद्र पाल मालिक आइसीएस कोचिग सेंटर ब्रांच। सूचना मिलने पर मौके पर गए थे। कोचिग सैंटर वालों ने छात्रों से दो दिन का समय लिखित में लिया है । जिसके बाद छात्र शांत होकर घर चले गए थे। मनदीप, सब इंसपेक्टर।

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